रांची रिम्स इमरजेंसी वार्ड में बदहाली: न बेड-न दवा, कुर्सी और स्ट्रेचर पर चल रहा इलाज
रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को बेड और दवाइयों की कमी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को स्ट्रेचर और कुर्सी पर इलाज कराना पड़ा। ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, रांची। दोपहर के करीब डेढ़ बजे। रिम्स का इमरजेंसी वार्ड मरीजों से भरा पड़ा था। कहीं स्ट्रेचर पर मरीज दर्द से कराह रहे थे तो कहीं कुर्सी पर बैठाकर स्लाइन चढ़ाई जा रही थी। अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के बीच मरीज और उनके स्वजन इलाज के लिए एक बेड और दवाइयों की आस में इधर-उधर भटकते नजर आए।
इमरजेंसी वार्ड में करीब आठ मरीज स्ट्रेचर पर पड़े थे। कई मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हुआ। हालत यह थी कि जिन मरीजों को तुरंत स्लाइन चढ़ाने की जरूरत थी, उन्हें कुर्सी पर बैठाकर ही पानी चढ़ाया जा रहा था। मरीजों के स्वजन लगातार नर्सों से इलाज शुरू करने की गुहार लगा रहे थे। जवाब मिलता था नार्मल स्लाइन बाहर से लाना होगा, दवाई भी बाहर से खरीदनी पड़ेगी।
रिम्स जैसे राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जरूरी दवाइयों और नार्मल स्लाइन की कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अस्पताल आने वाले लगभग हर मरीज को बाहर की मेडिकल दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही थीं। स्वजन दवा लेकर लौटते, फिर नर्स दवा चेक करती और उसके बाद इलाज शुरू होता। इस पूरी प्रक्रिया में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था।

पुरुलिया से आए मरीज के स्वजन संतोष कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा, डाक्टर ने जो दवा लिखी, वह रिम्स में नहीं मिली। मजबूरी में बाहर से खरीदना पड़ा। गरीब आदमी इलाज कराए या दवा खरीदे? वहीं, शंकर कुमार ने कहा, डाक्टर ने पानी चढ़ाने के लिए लिखा था, लेकिन रिम्स में नार्मल स्लाइन नहीं मिला। बाहर दुकान से खरीदकर लाना पड़ा। सरकारी अस्पताल में भी अगर सब बाहर से खरीदना पड़े, तो फायदा क्या?
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इमरजेंसी वार्ड में अव्यवस्था का आलम पूरे दिन बना रहा। कई मरीज स्ट्रेचर पर ही इलाज कराते रहे। कुछ मरीजों को घंटों कुर्सी पर बैठाकर स्लाइन चढ़ाई गई। अस्पताल में बेड की कमी और दवाइयों के अभाव ने मरीजों की परेशानी और बढ़ा दी।
सबसे गंभीर बात यह रही कि मरीजों और स्वजनों की भीड़ के बीच अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई। इलाज के लिए पहुंचे लोग परेशान दिखे, लेकिन उनकी समस्या का तत्काल समाधान कहीं दिखाई नहीं दिया।
मेडिसिन को लेकर नई निविदा हुई है। उसमें थोड़ी देरी होने के कारण कुछ दवाइयों की कमी हुई है। जल्द ही अन्य दवाइयां उपलब्ध हो जाएंगी।
हिरेंद्र बिरुआ, चिकित्सा अधीक्षक, रिम्स
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