विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

साहिबगंज में बाढ़ के बीच बिजली मिस्त्री बना ‘स्पाइडर मैन’, 11 केवी लाइन का फॉल्ट किया ठीक

Published: Thu, 10 Sep 2026 03:17 PM (IST)

Electrician Turns Spider Man: साहिबगंज में बाढ़ के दौरान एक बिजली मिस्त्री अखिलेश कुमार ने जान जोखिम में डालकर 11 केवी के तार पर लटककर फाल्ट ठीक किया।

साहिबगंज में बाढ़ के बीच 11 केवी तार पर लटक कर मरम्मत करता बिजली मिस्त्री अखिलेश।

साहिबगंज में बाढ़ के बीच 11 केवी तार पर लटक कर मरम्मत करता बिजली मिस्त्री अखिलेश।

HighLights

  1. बिजली मिस्त्री ने बाढ़ में 11 केवी फाल्ट ठीक किया।

  2. जान जोखिम में डालकर तार से लटककर दूसरे पोल पर पहुंचा।

  3. सुरक्षा उपकरणों के अभाव पर विभाग की लापरवाही पर सवाल उठे।

जागरण संवाददाता, साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज में बाढ़ के बीच बिजली मिस्त्री अखिलेश कुमार का जान जोखिम में डालकर 11 केवी हाई-वोल्टेज लाइन का फॉल्ट ठीक करने का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

फॉल्ट वाले स्थान तक पहुंचने के लिए नाव नहीं मिलने पर अखिलेश पोल पर चढ़े और एक पोल से दूसरे पोल तक 11 केवी तार के सहारे पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल की। उनकी इस हिम्मत और जोखिम भरे काम को देखकर लोग उन्हें ‘स्पाइडर मैन’ कह रहे हैं।

सदर प्रखंड के महादेवगंज पीएसएस क्षेत्र में 11 केवी ( हाई-वोल्टेज) के तार में फाल्ट हो गया था। बाढ़ की वजह से मिस्त्री को फाल्ट को खोजने में परेशानी हो रही थी। पीएसएस से बिजली चालू के करने के बाद बार बार ट्रिप कर जाता था।

दिन भर खोजने के बाद जानकारी मिली कि मुफस्सिल थाना से आगे टाटा मोटर रिपेयरिंग सेंटर के पीछे फाल्ट है। वहां तक जाने के लिए नाव उपलब्ध नहीं था। पोल पर चढ़ने के लिए ट्रक का हवा भरा हुआ टायर मंगवाया गया।

चूंकि दोनों बिजली के खंभों के नीचे बाढ़ की वजह से काफी जंगल था। यहां दर्जनों सांपों का बसेरा बना हुआ है। नीचे से दूसरे पोल पर चढ़ना खतरे से खाली नहीं था। ऐसे में पहले पोल पर चढ़कर 11 केवी के तार से लटकते हुए दूसरे पोल पर पहुंचा।

काम करने के दौरान पीएसएस से बिजली काट दी गई थी, इसलिए पूरी सुरक्षा के साथ फाल्ट को ठीक किया गया। इसके बाद महादेवगंज, मुस्लिम टोला, मिर्जाचौकी सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चालू हो गई।

लोगों ने इस बाढ़ और भीषण गर्मी में राहत की सांस ली। लाइन ठीक करने के दौरान चंदन शर्मा, हजारी मंडल, मंटू कुमार और विकास कुमार मौजूद रहे।

सुरक्षा किट पर उठ रहे सवाल

हाई-वोल्टेज तार पर लटके युवक को देखकर पहली नजर में लोग यही समझेंगे कि शायद वह मरकर लटक गया है। देशी पौवा लिया होगा या इश्क का रोगी होगा और गुस्से में आकर मर गया होगा। शक लाजिमी है, क्योंकि बिजली मिस्त्री ने सेफ्टी किट नहीं पहनी है।

यदि सेफ्टी किट, जैसे दस्ताना, यूनिफॉर्म, टोपी, पीठ में बंधा सुरक्षा तार और जूता आदि दिखाई देता तो लोग समझ जाते कि बिजली मिस्त्री फाल्ट ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा है। लेकिन विभाग की उदासीनता की वजह से कई जगह बिजली मिस्त्रियों को करंट लगते हुए देखा गया है।

काम करने के दौरान कुछ की मौत हो जाती है तो कुछ आज भी जिंदा हैं, लेकिन उनसे कार्यालय का काम लिया जाता है। ये सभी मिस्त्री डेली वेज पर काम करते हैं। इन्हें बीमा या पीएफ का लाभ नहीं मिलता है।

लाइनमैन संतोष कुमार ने बताया कि बिजली मिस्त्री को सेफ्टी किट दिया गया है। अखिलेश कुमार ने हिम्मत से काम लिया और 11 केवी लाइन को पूरी तरह बंद कराकर फाल्ट को ठीक किया गया।