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    कोलभोंगा जंगल में नक्सलियों के IED विस्फोट से युवती की मौत, दो महिलाएं घायल

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 10:47 PM (IST)

    झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जेराईकेला के पास कोलभोंगा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में एक युवती की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। महिलाएं सियाली पत्ता तोड़ने गई थीं तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है, और ग्रामीण अब जंगल जाने से डर रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बल इलाके में सर्च अभियान चला रहे हैं।

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    जेराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा जंगल में आईईडी विस्‍फोट में मारी गईं फूलों धनवार के घर पर ग्रामीणों की उमड़ी भीड़।

    संवाद सूत्र, मनोहरपुर। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से शुक्रवार को एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह विस्फोट उस वक्त हुआ, जब कोलभोंगा गांव की महिलाएं सियाली पत्ता तोड़ने जंगल गई थीं। 
     
    घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों के भीतर भय इस कदर बैठ गया है कि वे अब जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह महिलाएं हमेशा की तरह सियाली पत्ता चुनने जंगल पहुंची थीं। 
     
    जैसे ही वे घने झाड़ीदार क्षेत्र में आगे बढ़ीं, जमीन पर दबा आईईडी धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि 18 वर्षीय फूलों धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आगे-पीछे चल रही दो महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। 
     
    ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद से कोलभोंगा गांव में भय का माहौल बन गया है। 
     
    दातुन, पत्ता, जलावन लकड़ी, फल-फूल और मवेशियों के चराने के लिए ग्रामीण मुख्य रूप से जंगल पर निर्भर रहते हैं। लेकिन शुक्रवार की इस घटना ने उनके जीवनयापन की राह पर गहरा असर डाला है। 
     
    ग्रामीणों का कहना है कि अब जंगल में हर कदम जोखिम भरा लगने लगा है। गांव के कई लोगों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में नक्सलियों की गतिविधि बढ़ने से खतरा पहले से अधिक था, लेकिन इस विस्फोट ने उनकी चिंता को और बढ़ा दी है। 
     
    गांव की महिलाएं, जो रोज जंगल जाकर पत्ता और दातुन बटोरकर अपनी आजीविका चलाती थीं, अब घरों में सिमटने को मजबूर हैं। शनिवार को कोलभोंगा गांव में गहरा मातम छाया रहा। 
     
    फूलों धनवार के घर पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ उमड़ी। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा था। मृतका के परिजन शव के आने का इंतजार करते देखे गए। 
     
    मृतका की मां झालू धनवार बार-बार यही पूछती रहीं कि उनकी बेटी की क्या गलती थी, जो उसे इतनी कम उम्र में ऐसी मौत मिली। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा बल और प्रशासन को जंगलों में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की लगातार तलाशी अभियान तेज करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। 
     
    घटना के बाद पुलिस और सुरक्षाबल क्षेत्र में सर्च अभियान चला रहे हैं, हालांकि ग्रामीणों का भय अभी भी कम नहीं हुआ है। वे मांग कर रहे हैं कि इस क्षेत्र को
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