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    सिर्फ खून की कमी नहीं है 'एप्लास्टिक एनीमिया', आम एनीमिया से कैसे अलग और गंभीर है यह बीमारी?

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 02:02 PM (IST)

    आम एनीमिया से काफी अलग और खतरनाक है एप्लास्टिक एनीमिया। डॉक्टर ने बताए इनके अंतर। ...और पढ़ें

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    एप्लास्टिक एनीमिया क्यों खतरनाक है? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी हम एनीमिया शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले शरीर में आयरन की कमी, थकान और चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण आते हैं। पोषण संबंधी एनीमिया या आयरन की कमी एक आम समस्या है जिसे सही खान-पान से ठीक किया जा सकता है। 

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि एप्लास्टिक एनीमिया इससे पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है? इसे सामान्य एनीमिया समझकर केवल आयरन की गोलियों से इलाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। आइए डॉ. नितिन अग्रवाल (एमडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एचओडी - डोनर रिक्वेस्ट मैनेजमेंट, DKMS फाउंडेशन इंडिया) से जानते हैं एप्लास्टिक एनीमिया कैसे एनीमिया से अलग है। 

    क्या है एप्लास्टिक एनीमिया?

    एप्लास्टिक एनीमिया बोन मैरो के फ्लोयोर से जुड़ी एक समस्या है। इस कंडीशन में बोन मैरो नए ब्लड सेल्स बनाना बंद कर देती है। यह स्थिति न केवल हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे शरीर पर असर डालती है।

    आम एनीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया में अंतर क्या है?

    जहां सामान्य एनीमिया में अक्सर केवल रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है, वहीं एप्लास्टिक एनीमिया में तीन मुख्य समस्याएं एक साथ पैदा होती हैं-

    • कम हीमोग्लोबिन- जिससे बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है।
    • व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी- इनके घटने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
    • प्लेटलेट्स की कमी- प्लेटलेट्स कम होने से शरीर में चोट लगने पर खून बहना रुकना मुश्किल हो जाता है और इंटरनल ब्लीडिंग का जोखिम रहता है।

    क्यों होती है यह बीमारी?

    एप्लास्टिक एनीमिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से ऑटोइम्यून डिजीज, कुछ दवाएं, टॉक्सिक चीजों से कॉन्टेक्ट और वायरल इन्फेक्शन इसके जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है।

    इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

    Aplastic Anemia Symptoms

    (AI Generated Image)

    एप्लास्टिक एनीमिया के लक्षण शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करते हैं। इसके मुख्य संकेतों में शामिल हैं-

    • सांस लेने में तकलीफ और थकान।
    • दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना।
    • बार-बार या लंबे समय तक चलने वाले इन्फेक्शन और बुखार।
    • बिना किसी कारण के शरीर पर नीले निशान पड़ना।
    • नाक और मसूड़ों से खून आना या चोट लगने पर खून का न रुकना।
    • त्वचा का पीला पड़ना और त्वचा पर रैश होना।