क्या आप जानते हैं 'हरियाणा' का असली मतलब? 5000 साल पुराने इतिहास और देसी खान-पान से जुड़ी है इसकी खासियत
हरियाणा, जिसका अर्थ 'भगवान का घर' है, अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और खान-पान के लिए जाना जाता है।

किन वजहों से खास है हरियाणा? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली के बगल में बसा हरियाणा खेती और खेल प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। इस राज्य का नाम भी काफी दिलचस्प है। हरियाणा हरी और अयाना से मिलकर बना है, जिसका मतलब होता है भगवान का घर।
इस राज्य ने कई ऐसी प्रतिभाएं देश को दी है, जिन्होंने आगे चलकर देश का नाम रोशन किया है। हालांकि, इस राज्य की खासियत यहीं खत्म नहीं होती। हरियाणा की संस्कृति, कला और खान-पान की भी अपनी निराली बात है। आइए जानें इस राज्य में क्या खास है।
महाभारत और सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास
हरियाणा का इतिहास वैदिक काल से जुड़ा है। कुरुक्षेत्र की भूमि इसी राज्य में है, जहां महाभार का युद्ध लड़ा गया था और भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का संदेश दिया था। यहां के ब्रह्म सरोवर, ज्योतिसर और सन्निहित सरोवर अध्यात्म का केंद्र हैं। हिसार जिले के राखीगढ़ में सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा पुरातात्विक क्षेत्र है, जो यहां के इतिहास की कहानी सुनाता है।
मुगल काल से जुड़ी तीन सबसे बड़ी लड़ाइयां यहां के पानीपत में लड़ी गई थीं। वहीं फरीदबाद में तोमर वंश का बनाया ऐतिहासिक सूरजकुंड है। फरीदाबाद में हर साल सूरजकुंड मेला भी लगता है, जहां दुनियाभर के कारीगर अपनी हस्त और शिल्पकला को पेश करते हैं।
सादगी से भरा खाना
हरियाणा के खाने में घी, दूध, दही और मक्खन का भरपूर इस्तेमाल होता है। यहां मोटे अनाज की रोटियां भी खूब बनती हैं, जैसे बाजरे और की रोटी। इसके अलावा, बथुए का रायता और हरा चना भी यहां बड़े चाव से खाया जाता है। खाने में भरपूर मात्रा में नूनी घी और साथ में लस्सी या छाछ जरूर शामिल किया जाता है। रोहतक की रेवड़ी और गजक और गोहाना की जलेबी और गोंद के लड्डू, इस राज्य की पारंपरिक मिठाइयां हैं।
कला और संस्कृति में समृद्ध
हरियाणा की संस्कृति यहां की खेती और सादे जीवन से जुड़ी है। यहां के लोकगीतों में रागिणी शामिल है, जिसमें संवाद शैली में गाना गाया जाता है। हरियाणा के लोक नृत्यों में लूर, फाग और घूमर शामिल हैं। सांग यहां का मशहूर संगीत-नाटक कला है, जो बेहद मजेदार होता है।
हरियाणा का पहनावा
पुरुषों के पहनावे की बात करें, तो सफेद या हल्के रंग की धोती और कुर्ता पहनते हैं और सिर पर पगड़ी पहनते हैं। वहीं महिलाएं रंग-बिरंगा घेरदार दामण, कुर्ती और ओढ़नी पहनती हैं। इसके साथ वे पारंपरिक गहने, जैसे बोरला और हंसली भी पहनती हैं।
