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कदम रखते ही डगमगाएगी जमीन, घर बदल लेंगे हवा के साथ अपनी लोकेशन! भारत के अनोखे गांव की कहानी

Updated: Sun, 30 Aug 2026 02:35 PM (IST)

भारत का एकलौता तैरता गांव जो दुनियाभर के पर्यटकों के लिए अट्रैक्शन बना हुआ है।

फ्लोटिंग विलेज: चंपू खंगपोक (Image Source: AI Generated)

फ्लोटिंग विलेज: चंपू खंगपोक (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जरा सोचकर देखिए कि आप ऐसी जगह पर घूमने गए हैं जहां कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। ऐसा लगे कि आप चल नहीं रहे बल्कि तैर रहे हैं। क्यों लग रहा है न सोचने पर यह दृश एकदम सपने जैसा। कुछ ऐसा ही है मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक। 

चलिए आपको इस अनोखी लेकिन रोमांच से भरपूर जगह के सफर पर ले चलते हैं। 

फ्लोटिंग विलेज: चंपू खंगपोक 

भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव स्थित है जिसका नाम चंपू खंगपोक है। दरअसल, यह गांव भारत की प्रसिद्ध लोकटक झील पर बसा है जो करीब 240 वर्ग किलोमीटर के आकार में फैली हुई है। इस गांव में पानी के साथ लोगों ने जीना सीख लिया है, तभी तो पानी पर चलते लोग, तैरते द्वीप और घर देखने को मिलते हैं। 

डगमगाती जमीन का रहस्य क्या है? 

चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं बल्कि साइंस का कमाल है। इसका कारण इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी मिट्टी या चट्टान से बनी न होकर फुम्डी नामक प्राकृतिक जमीन है। यह सड़े-गले पौधों, जड़ों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परतों से बनी होती है। 

साल-दर-साल जब इन सभी का जमावड़ा एक जगह इकट्ठा होता रहता है तो इसकी परत से जमीन निर्मित हो जाती है। इसकी मजबूती इतनी होती हैं कि घरों का निर्माण तक किया जा सकता है। 

बदलती रहती है घरों की लोकेशन 

यहां रहने वाले लोगों के घरों जिन्हें फुमशंग कहा जाता है, अपनी लोकेशन बदलते रहते हैं। अब क्योंकि ये जमीन नहीं फुम्डी पर बने हैं तो हवा के दबाव और पानी के बहाव के कारण इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही वजह यह कि चंपू खंगपोक आज दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की वजह से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 

तैरता हुआ नेशनल पार्क 

एक अनोखे गांव के अलावा लोकटक झील में आपको तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देखने को मिलेगा। यह पार्क बिष्णुपुर जिले में लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित है। इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां विलुप्त होने की कगार पर खड़े संगाई हिरण रहते हैं और यही उनका अकेला आवास स्थल भी है।