उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और झील के बीच बना महल, त्रिपुरा की खूबसूरती देखकर रह जाएंगे हैरान
त्रिपुरा अपनी शांत प्रकृति, ऐतिहासिक स्थलों और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है, जिसमें उज्जयंत पैलेस, नीरमहल और उनाकोटी जैसे आकर्षण शामिल हैं।

त्रिपुरा की सुंदरता देखकर हो जाएंगे हैरान (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्तर में शामिल त्रिपुरा अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। बांग्लादेश की सीमाओं से तीनों तरफ से घिरा त्रिपुरा का शांत वातावरण, इतिहास और हरी-भरी पहाड़ियां ऐसा अनोखा अनुभव करवाती हैं, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। आइए जानें इस राज्य की संस्कृति, खूबसूरत जगहें और खान-पान से जुड़ी कुछ खास बातें।
त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें
त्रिपुरा का उज्जयंत पैलेस यहां के शाही इतिहास का प्रतीक है। इस महल का निर्माण 1901 में हुआ था, जो आज एक राज्य संग्राहलय है। यहां त्रिपुरा के इतिहास और विरासत की झलक देखने को मिलती है। रुद्रसागर झील के बीचो-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद खूबसूरत वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। मुगल और हिंदू आर्किटेक्चर का यह मिश्रण शाम के समय और भी खूबसूरत दिखता है।
उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी हुई हैं। अपनी रहस्यमयी कारीगरी के लिए ये दुनियाभर में मशहूर हैं। त्रिपुरा में तृष्णा और गुमटी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी भी हैं। तृष्णा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी इंडियन बाइसन का प्राकृतिक आवास है। इनके अलावा, हुलॉक गिब्बन, गोल्डन लंगूर, कैप्ड लंगूर और हिरण जैसे कई जानवर और पक्षी यहां रहते हैं।
त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प
त्रिपुरा की कला और कारीगरी मुख्य रूप से बांस और बेत के काम पर आधारित है। यहां के स्थानीय कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं। इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा भी काफी मशहूर है। इसे महिलाएं ऊपरी वस्त्र की तरह पहनती हैं। यह राज्य की जनजातीय पहचान का अहम हिस्सा है।
त्रिपुरा की संस्कृति
इस राज्य में 19 से ज्यादा जनजातीय समूह और बंगाली समुदाय मिलकर रहते हैं। यहां का खर्ची पूजा बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जनजातीय नृत्यों में होजागिरि नृत्य सबसे मशहूर है, जिसमें सिर पर जलता हुआ दीपक रखकर नृत्य किया जाता है। इसके अलावा, गरिया नृत्य भी काफी मशहूर है।
त्रिपुरा का स्वाद
त्रिपुरा का खान-पान काफी सादा होता है। यहां की पारंपरिक डिश मुई बोरोक काफी स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। इसके अलावा, बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का अहम हिस्सा है। इसमें चावल को केले या बांस के पत्तों पर लपेटकर पकाया जाता है।
बांस के कपोलो, कटहल के बीजों और स्थानीय मसालों से बना चखनी यहां की खास जनजातीय डिश है। इसके अलावा, यहां की क्वीन पाइनएप्पल अपने अनोखी स्वाद और मिठास के लिए दुनियाभर में मशहूर है।
