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    छुट्टियों में बनाएं ब्रह्म सरोवर का प्लान! शहरों की भीड़ से दूर यहां मिलेगा जन्नत-सा सुकून

    By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Tue, 02 Jun 2026 07:30 PM (IST)

    कुरुक्षेत्र के ब्रम्हा सरोवर के बारे में ऐसा माना जाता है कि यह ब्रम्हा जी द्वारा ही बनाया गया था। ...और पढ़ें

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    एशिया का सबसे बड़ा मानवनिर्मित सरोवर और शांति का धाम (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. एशिया का सबसे बड़ा मानवनिर्मित सरोवर है

    2. शाम की आरती और डूबते सूरज का अद्भुत नजारा

    3. द्रौपदी का कुंआ और कृष्ण-अर्जुन रथ पास में

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत में ब्रम्हा सरोवर का जिक्र मिलता है और ऐसी मान्यता है कि हरियाणा राज्य के थानेसर, कुरुक्षेत्र के इस सरोवर को ब्रम्हा जी ने ही बनाया था।

    यह न सिर्फ हिन्दुओं के लिए एक पवित्र सरोवर है, बल्कि दूर-दूर से लोग इस क्षेत्र की खूबसूरती देखने और शोर-शराबे से दूर सुकून के कुछ पल बिताने आते हैं। तो आइए चलते हैं सरोवर की यात्रा पर।

    डूबते सूरज के साथ बढ़ती है खूबसूरती

    यह सिर्फ एक ऐतिहासिक तालाब नहीं, बल्कि इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। जब ढलते सूरज की नारंगी और सुनहरी चमक सरोवर की सतह पर पड़ती है तो इसकी सुदंरता सौ गुना बढ़ जाती है।

    इतना लंबा-चौड़ा है यह सरोवर

    एशिया के सबसे बड़े मानवनिर्मित सरोवर के रूप में ख्यात यह 3,600 फीट लंबा, 15,00 फीट चौड़ा और 45 फीट गहरा है। इसे भगवान शिव को समर्पित करके तैयार किया गया था।

    संध्या आरती में ले सकते हैं भाग

    शाम के समय होने वाली आरती का अनुभव अद्भुत होता है। यहां आने वाले लोग संध्या आरती में शामिल होकर दिव्य माहौल का हिस्सा बनते हैं। इससे इस जगह की भव्यता और भी ज्यादा महसूस होती है। सुबह का समय भी काफी मनमोहक होता है।

    द्रौपदी का कुंआ

    सरोवर के पास ही द्रौपदी का कुंआ भी है। ऐसी मान्यता है कि उन्होंने दुशासन के खून से सने अपने केश यहीं धोएं थे। इतना ही नहीं एक विशाल काले पत्थर से बना भगवान कृष्ण और अर्जुन का एक रथ भी पास में ही मौजूद है।

    रंग-बिरंगे हस्तशिल्प से सजे बाजार

    ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताओं के अलावा भी यहां आने वाले सैलानी सरोवर के आस-पास शॉपिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यहां हस्तशिल्प की बेजोड़ चीजों के अलावा अलग-अलग तरह के जायके चखने का भी मौका मिलता है।

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    आस-पास देख सकते हैं ये जगहें

    इस सरोवर के आस-पास भी देखने के लिए काफी सारी आकर्षक जगहें हैं। आप यहां बिड़ला गीता मंदिर और बाबा नाथ की हवेली व मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। इस सरोवर के करीब ही ज्योतिसर स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यहीं से महाभारत युद्ध की शुरुआत हुई थी। ब्रम्हा सरोवर के करीब ही सन्निहित सरोवर है, जो हिंदुओं के सबसे पवित्र झीलों में से एक माना जाता है। 

    चार तरीकों से पहुंच सकते हैं

    • रेलमार्ग: नई दिल्ली से आप ट्रेन से 3 घंटे 9 मिनट में कुरुक्षेत्र पहुंच सकते हैं।
    • बस: इस मार्ग से आपको लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लग सकता है।
    • अपनी गाड़ी से: आप सिर्फ ढाई घंटे में ही नई दिल्ली से कुरुक्षेत्र का सफर तय कर सकते हैं।
    • टैक्सी: इसमें भी आपको लगभग ढाई घंटे का समय लग सकता है।

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