अब AI बताएगा किस गांव में कहां पानी की कितनी किल्लत, MP की 23,011 पंचायतों का 'जल बजट' तैयार
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत मध्य प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों के लिए AI-आधारित जल बजट तैयार ...और पढ़ें

-एआई से निर्मित इमेज।
HighLights
AI ने MP की 23,011 पंचायतों का जल बजट बनाया।
यह बजट पानी की आवश्यकता और स्रोतों का विवरण देता है।
मालवा-निमाड़ जैसे क्षेत्रों में जल संरक्षण पर विशेष ध्यान।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन के लिए गारंटी (ग्रामीण) यानी वीबी- जीरामजी में सबसे अधिक जोर जल संरक्षण से जुड़े कार्यों पर दिया जा रहा हैं। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत का जल बजट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सहयोग से भारत सरकार ने बजट तैयार किया गया है। इसमें प्रत्येक पंचायत के पशु, इंसान और खेती के लिए पानी की आवश्यकता, प्रतिवर्ष दोहन की स्थिति, पानी के उपलब्ध स्रोत सहित पूरा विवरण दिया गया है।
एआई बताएगा, कहां कौन-सा काम जरूरी
इतना ही नहीं, एआई यह भी बता रहा है कि किस ग्राम पंचायत में जल संरक्षण के लिए कौन कार्य कराया जा सकता है। 'वीबी-जीरामजी' के पोर्टल पर सभी ग्राम पंचायतों का डैशबोर्ड उपलब्ध है, जिसमें भूमिगत और सतही जल की बारीक जानकारी दी गई है।
मालवा-निमाड़ के क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
उल्लेखनीय है कि योजना में प्रावधान किया गया है कि क्रिटिकल और अति-दोहित ग्रामीण ब्लॉकों में कुल योजना व्यय का न्यूनतम 65 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जाना अनिवार्य हैं। मध्य प्रदेश में पांच विकासखंड क्रिटिकल और 26 अतिदोहित की श्रेणी में हैं। इनमें अधिकतर मालवा-निमाड़ के हैं। जल बजट से इन क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूमिगत जल प्रबंधन को लेकर कार्ययोजना बनाने में सुविधा होगी।
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सभी कार्यों की अनुमति मिली
मध्य प्रदेश सहित देशभर में यह योजना एक जुलाई 2026 से प्रारंभ हुई थी। शुरुआत में तैयारी पूरी नहीं होने के कारण मात्र 10 कार्यों की अनुमति थी। शुक्रवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सभी 375 कार्यों के लिए अनुमति जारी कर दी हैं। बता दें प्रदेश में 23, 011 ग्राम पंचायतें हैं।
भारत सरकार ने सैटेलाइट के माध्यम से प्रत्येक पंचायत की जानकारी एकत्र की है। जनगणना व अन्य आंकड़ों से एआई के माध्यम से जल बजट तैयार किया गया है। इसमें यह सुझाव मिलता है कि किस पंचायत में योजना के अंतर्गत किस तरह के काम कराए जा सकते हैं। ग्राम पंचायतों को सभी तरह के कार्यों की अनुमति दे दी गई है।
-मयंक अग्रवाल, सीईओ, वीबी-जीरामजी
