'कैदी नंबर 71': पूर्व जज गिरिबाला की अब जेल में यही पहचान; मां-बेटे को अलग-अलग वार्ड में रखा
पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया है। गिरिबाला सिंह को 'कैदी नंबर 71/26' आवंटित किय ...और पढ़ें

जेल परिसर में महिला प्रहरियों के साथ गिरिबाला सिंह।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। कभी अदालत की कुर्सी पर बैठकर फैसले सुनाने वाली पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की पहचान अब भोपाल सेंट्रल जेल में एक बंदी के रूप में दर्ज हो गई है। मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बहुचर्चित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गई गिरिबाला सिंह को जेल में ‘कैदी नंबर 71/26’ आवंटित किया गया है। वहीं उनके बेटे और सह-आरोपित समर्थ सिंह को ‘कैदी नंबर 1782/26’ दिया गया है।
मंगलवार को अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश मिलने के बाद सीबीआई की टीम दोनों आरोपितों को भोपाल सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। जेल के मुख्य द्वार पर उस समय कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही, जब मीडिया की मौजूदगी देखकर पूर्व जज गिरिबाला सिंह वाहन से उतरने को तैयार नहीं हुईं।
मीडिया देखकर कार से उतरने से किया इंकार
दोपहर करीब 3:39 बजे जेल पहुंचीं गिरिबाला सिंह को सुरक्षा नियमों के तहत वाहन से उतरकर पैदल प्रवेश करने के लिए कहा गया। लेकिन बाहर मौजूद मीडिया कर्मियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और वाहन से बाहर आने से इंकार कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब फोटोग्राफरों ने कार के शीशों से तस्वीरें लेने की कोशिश की तो गिरिबाला सिंह ने हाथ में मौजूद पानी की बोतल से इशारा कर आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों से वाहन को सीधे जेल परिसर के भीतर ले जाने का आग्रह किया, लेकिन जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।
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आखिरकार वाहन को मुख्य द्वार के बिल्कुल पास लगाया गया, जिसके बाद गिरिबाला सिंह कार से उतरीं और सीधे जेल अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ गईं। कुछ देर बाद समर्थ सिंह भी दूसरे वाहन से पहुंचकर जेल में दाखिल हो गया।
मां-बेटे को अलग-अलग वार्ड में रखा गया
जेल प्रशासन ने दोनों आरोपितों को अलग-अलग वार्ड में रखा है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड के ‘अ खंड’ में रखा गया है, जबकि समर्थ सिंह को ‘ब खंड’ स्थित मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
मामले की संवेदनशीलता और गिरिबाला सिंह के न्यायिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जेल प्रशासन विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है।
'स्त्रीधन' की जब्ती और जांच तेज
हम बता दें कि गत 12 मई को त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत हुई थी। अब सीबीआई ने त्विषा को शादी के समय मिले सोने के उपहारों (स्त्रीधन) को जब्त कर लिया है। जेवरातों की शुद्धता और मौजूदा कीमत के मूल्यांकन के लिए एक जौहरी को भी तलब किया गया है। इस जब्ती को केस डायरी में दहेज प्रताड़ना और वित्तीय साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा। एजेंसी ने घटना के वक्त घर में मौजूद रिश्तेदार और रसोइए के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।
जेल में नियानुसार ही दोनों आरोपित का लाया गया और उन्हें अ और ब खंड में रखा गया हैं। दोनों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। माननीय कोर्ट के जो भी निर्देश हैं, उनका पालन किया जा रहा है।
- राकेश कुमार भांगरे, अधीक्षक, सेंट्रल जेल भोपाल
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