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मध्य प्रदेश में SSR 12 नवंबर से, वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन कर रही कांग्रेस के पास 32 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ एजेंट ही नहीं

Published: Thu, 05 Nov 2026 09:25 PM (IST)

मध्य प्रदेश में 12 नवंबर से मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू हो रहा है, लेकिन कांग्रेस को बूथ ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में 12 नवंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू।

  2. कांग्रेस 32 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ एजेंट नियुक्त करने में पिछड़ी।

  3. पार्टी देशभर में कथित वोट चोरी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देशभर में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली कांग्रेस के सामने मध्य प्रदेश में ही मतदाता सूची की निगरानी को लेकर चुनौती खड़ी है। प्रदेश में 12 नवंबर से मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) शुरू होने जा रहा है, लेकिन कांग्रेस अब तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त नहीं कर पाई है। प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के 71,930 बूथों में से 32 विधानसभा क्षेत्रों में अभी नियुक्ति प्रक्रिया अधूरी है।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के साथ राजनीतिक दलों के बीएलए की भूमिका भी अहम होती है। नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने, अपात्र नामों को हटाने और सूची में त्रुटियों को सुधारने के लिए बीएलए बूथ स्तर पर निगरानी करते हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने एसएसआर शुरू होने से पहले सभी बूथों पर सक्रिय प्रतिनिधि तैनात करने की चुनौती है।

संगठन मजबूत किया, लेकिन बूथ स्तर पर अब भी खाली जगह

विधानसभा चुनाव में भाजपा के संगठनात्मक नेटवर्क का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने पिछले दो वर्षों में संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है। संगठन सृजन अभियान के तहत बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की गई। इसी क्रम में पहली बार बीएलए की नियुक्ति कर उनके नाम और मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड भी तैयार कराया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर इनका विवरण अपलोड किया गया।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान पार्टी ने बीएलए को बूथों पर सक्रिय करने की कोशिश की, लेकिन कई क्षेत्रों से शिकायतें मिलीं कि नियुक्त एजेंट जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। इसके बाद निष्क्रिय बीएलए को बदलने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। बावजूद इसके डिंडौरी और आलीराजपुर सहित 32 विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्तियां पूरी नहीं हो सकी हैं।

198 सीटों पर नियुक्ति पूरी 

प्रदेश कांग्रेस में मतदाता सूची संबंधी काम के प्रभारी ललित सेन के अनुसार, 198 विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्त बीएलए की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। शेष विधानसभा क्षेत्रों में भी एसएसआर शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव संजय कामले ने बताया कि पार्टी अब प्रत्येक बीएलए का सत्यापन करा रही है। विधानसभा प्रभारियों से एजेंटों के नाम, मोबाइल नंबर और उनकी सक्रियता के साथ काम करने की इच्छा को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जो बीएलए जिम्मेदारी निभाने के इच्छुक नहीं मिलेंगे, उनके स्थान पर नए लोगों को नियुक्त किया जाएगा।

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निर्वाचन आयोग की सभी दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील

इधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने भी सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए बीएलए नियुक्त करने का आग्रह किया है। एसएसआर की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी और बूथ स्तर पर निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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