विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP Weather: चक्रवाती तूफान अर्णब पड़ा कमजोर, 2-3 दिन कहीं-कहीं हो सकती है बारिश; कई शहरों में बढ़ी ठंडक

Published: Sun, 01 Nov 2026 03:57 PM (IST)

चक्रवाती तूफान अर्णब के कमजोर पड़ने के बावजूद, इसके अवशेषों का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर बना हुआ है, ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. चक्रवाती तूफान अर्णब के अवशेषों का मध्य प्रदेश पर असर।

  2. अगले 3-4 दिनों तक हल्की बारिश की संभावना, पूर्वी MP में अधिक।

  3. दिन के तापमान में गिरावट से प्रदेश में बढ़ी ठंडक।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। चक्रवाती तूफान अर्णब भले ही कमजोर पड़कर लगभग समाप्त हो गया हो, लेकिन इसके अवशेषों का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर अभी बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश के रीवा, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई एवं शेष सभी संभागों जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।

बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते तापमान में भी बदलाव आया है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। शनिवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन में भी ठंडक महसूस होने लगी है।

तीन वेदर सिस्टम सक्रिय, पूर्वी MP में ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में चक्रवाती तूफान अर्णब के अवशेष के रूप में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बादल छाने तथा बारिश होने की स्थिति बन रही है।

इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके अगले छह घंटों में अवदाब और उसके बाद चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसका संभावित रुख आंध्र प्रदेश के तट की ओर है, इसलिए मध्य प्रदेश में इसका सीधा असर सीमित रहने का अनुमान है।

उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके साथ पश्चिमी हवाओं में एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मौजूद है। इन मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।

इन इलाकों में पड़ सकती हैं बौछारें

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 और 2 नवंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में मौसम का असर अधिक रहने की संभावना है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 2 नवंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है, लेकिन 4 नवंबर तक कहीं-कहीं हल्की वर्षा का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल प्रदेश में व्यापक या भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।

यह भी पढ़ें- MP Weather: रात में बढ़ी ठंड, 28 अक्टूबर से फिर होगी बारिश; रीवा-शहडोल समेत इन जिलों में अलर्ट

ठंडे हो गए सूरज के तेवर

बरसात से सूरज के तेवर अचानक ढीले पड़ गए हैं। शनिवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक कम है। न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस कम है। इंदौर सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रहा। वहीं जबलपुर 5.3 डिग्री सेल्सियस और ग्वालियर 2.8 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा हुआ। हालांकि नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।