'तुम्हारे बाद मेरा क्या होगा...', पति को कैंसर के बाद पत्नी ने की दूसरी शादी, कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट
रतलाम में एक महिला ने पति को कैंसर होने के बाद बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली। फैमिली कोर्ट द्वारा तलाक याचिका खारिज होने के बाद जेएमएफसी कोर्ट ने महि ...और पढ़ें

पत्नी ने पति के कैंसर के बाद बिना तलाक दूसरी शादी की
HighLights
पत्नी ने पति के कैंसर के बाद बिना तलाक दूसरी शादी की
फैमिली कोर्ट ने पत्नी की तलाक याचिका खारिज कर दी
जेएमएफसी कोर्ट ने महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया
डिजिटल डेस्क, छतरपुर। रतलाम में एक विवाह के विवाद ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी साक्षी नकुम ने वैधानिक तलाक लिए बिना ही दूसरी शादी कर ली।
मामले में जेएमएफसी कोर्ट ने आरोपी महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 25 जुलाई 2026 को पेश होने के आदेश दिए हैं। आकाश और साक्षी की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी। छह माह की दोस्ती के बाद दोनों ने 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया।

पत्नी ने पति के कैंसर के बाद बिना तलाक दूसरी शादी की
बाद में 13 दिसंबर 2022 को परिवारों की मौजूदगी में रीति-रिवाज से दोबारा शादी हुई। आकाश के अनुसार, शादी के करीब चार माह बाद उन्हें गले सांस नली का कैंसर होने का पता चला। उनका आरोप है कि बीमारी के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय उन्हें छोड़ दिया।
साक्षी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई और फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका भी दायर की। इसी दौरान जबकि तलाक का मामला न्यायालय में लंबित था, साक्षी ने 10 जून 2024 को छतरपुर के एक युवक से दूसरी शादी कर ली। बाद में इस दंपती की एक बेटी भी हुई।
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तुम मर जाओगे तो मेरा क्या होगा?
आकाश का आरोप है कि जब उसे अपनी पत्नी के सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब पत्नी ने उनका साथ छोड़ दिया। उनका दावा है कि पत्नी ने उनसे कहा था कि 'तुम तो कल को मर जाओगे, मेरा क्या होगा?' आकाश के मुताबिक, इसके बाद दोनों के रिश्ते लगातार खराब होते चले गए।
कोर्ट ने महिला के जारी किया खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
18 अप्रैल 2026 को फैमली कोर्ट ने साक्षी की तलाक याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आकाश ने जेएमएफसी कोर्ट में परिवाद दायर किया। अदालत ने प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 82(1) के तहत मामला दर्ज किया।
कई बार समन भेजे जाने के बावजूद साक्षी अदालत में उपस्थित नहीं हुईं, जिसके चलते कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। कैंसर से जूझ रहे आकाश के माता-पिता का भी निधन हो चुका है और उनका कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ की उम्मीद है।