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    चावल पकाते समय क्यों टूट जाते हैं कुछ दाने? IIT इंदौर के शोध ने खोला रसोई का रहस्य

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 09:53 PM (IST)

    आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने बताया है कि चावल के दानों के अंदर मौजूद सूक्ष्म दरारें और हवा की खाली जगहें (चाकी ग्रेन्स) ही उनके पकने के दौरान टूटने य ...और पढ़ें

    चावल पर शोध (प्रतीकात्मक चित्र)

    चावल पर शोध (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. चावल के दानों के टूटने का कारण आंतरिक सूक्ष्म दरारें।

    2. चाकी ग्रेन्स सामान्य दानों से 2.7 गुना तेजी से पानी सोखते हैं।

    3. शोध से चावल उद्योग में गुणवत्ता पहचान और सुधार में मदद।

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। रोजमर्रा की रसोई में चावल पकाना एक सामान्य काम है। मगर क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ चावल के दाने पकने के बाद लंबे, सफेद और खिले-खिले नजर आते हैं, जबकि कुछ दाने टूट व मुड़ जाते हैं या बीच से फट जाते हैं। अब इस समस्या के पीछे का वैज्ञानिक कारण सामने आ गया है।

    इसे लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के विशेषज्ञों ने अपने शोध में बताया है कि चावल के दाने के अंदर मौजूद छोटी-छोटी दरारें ही उसके पकने के तरीके को तय करती हैं।

    तेजी से पानी सोखते हैं 'चाकी ग्रेन्स'

    शोधकर्ताओं ने चावल के दानों की बारीकी से जांच कर पाया कि कुछ दानों में अंदर से बेहद छोटी दरारें और हवा की खाली जगहें (एयर पॉकेट्स) बन जाती हैं। ऐसे दानों को “चाकी ग्रेन्स” कहा जाता है। बाहर से देखने पर ये दाने सामान्य लग सकते हैं, लेकिन अंदर की ये कमजोरियां पानी को तेजी से अंदर पहुंचने का रास्ता दे देती हैं।

    शोध में ऐसे चाकी चावल के दाने सामान्य दानों की तुलना में करीब 2.7 गुना तेजी से पानी सोख लेते हैं। यही वजह है कि कई बार ज्यादा देर तक भिगोने पर कुछ चावल के दाने कमजोर होकर पकाने से पहले ही टूटने लगते हैं। यह शोध जर्नल ऑफ फूड साइंस में प्रकाशित हुआ है।

    अध्ययन का नेतृत्व डॉ. अंकुर मिगलानी, प्रो. पवन कुमार कांकर और डॉ. अमन खुराना ने किया है। जबकि पीएचडी शोधार्थी नितिन सपकाल, अनूप के. आर. और सौरभ कुमार भी इस शोध में शामिल रहे हैं।

    बासमती चावल पर किया प्रयोग

    विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने खासतौर पर 1121 बासमती चावल पर प्रयोग किया है। इसमें पाया गया कि पूरी तरह चाकी दानों में से लगभग 67 प्रतिशत दाने पकाते समय फट गए, जबकि अच्छे और मजबूत दानों में यह संख्या केवल 13 प्रतिशत रही।

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    शोध में यह भी बताया गया कि चावल के दाने पकते समय मुड़ते क्यों हैं। जब चावल पानी सोखता है तो उसका हर हिस्सा एक जैसी गति से नहीं फूलता। दाने के कुछ हिस्से जल्दी फैलते हैं और कुछ धीरे-धीरे। इस अंतर के कारण दाने के अंदर दबाव बनता है, जिससे वह टेढ़ा या मुड़ा हुआ दिखाई देने लगता है।

    कई बार लंबे चावल पकने के बाद उनमें सफेद रंग की छोटी रिंग या उभार दिखाई देते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये निशान भी दाने के अंदर बनने वाली सूक्ष्म दरारों की वजह से होते हैं। पानी के असर से ये दरारें फैलती हैं और पकने के बाद चावल की बनावट बदल जाती है।

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    चावल उद्योग और गुणवत्ता पहचान में मिलेगी मदद

    आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास एस. जोशी ने कहा इस शोध का महत्व केवल रसोई तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे चावल की गुणवत्ता जांचने, बेहतर किस्म तैयार करने और चावल उद्योग में अच्छी गुणवत्ता वाले दानों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

    वहीं शोधकर्ता डॉ. अंकुर मिगलानी ने बताया कि चावल के दाने की अंदरूनी बनावट ही तय करती है कि वह पकने के बाद सुंदर और फूला हुआ बनेगा या फिर टूट जाएगा।