रतलाम में 10 दिन पहले खरीदी ई-स्कूटी में धमाके से लगी आग, मां-बेटी गंभीर रूप से झुलसीं; घर का सामान भी जला
रतलाम की विंध्यावासिनी कॉलोनी में बुधवार तड़के एक ई-स्कूटी में विस्फोट के साथ आग लग गई, जिससे एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी बेटी 60% झुलस गईं। आग से घर का सारा सामान जल गया, जबकि बड़ी बेटी ने मां और बहन को छत के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला।
HighLights
चार्जिंग में नहीं लगी थी स्कूटी, फिर भी धमाका।
छत के रास्ते किसी तरह घर से बाहर निकला परिवार।
कॉल करने के बावजूद डेढ़ धंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस।
डिजिटल डेस्क, रतलाम। शहर की विंध्यावासिनी कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे घर के अंदर रखी ई-स्कूटी में विस्फोट के साथ आग लग गई। कुछ ही देर में आग पूरे कमरे और मकान में फैल गई। हादसे में कमरे में सो रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 36 वर्षीय बिंदुकुंवर और उनकी 16 वर्षीय बेटी अंतिम करीब 60 फीसदी झुलस गईं। दोनों को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी हादसे में बाल-बाल बच गई।
गैस टंकी का बटन बंद किया, फिर छत के रास्ते निकलीं
बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी ने बताया कि परिवार रात में करीब 8 से 8.30 बजे तक सो जाता है और करीब 9 बजे तक मोबाइल चलाता है। बुधवार सुबह करीब 4 बजे उसकी नींद खुली। उठकर देखा तो स्कूटी में आग लगी थी। उसने सबसे पहले पीछे रखी गैस टंकी का बटन बंद किया। आगे भी गैस टंकी रखी थी। इसके बाद वह ऊपर का गेट खोलने के लिए दौड़ी।
इसी दौरान छोटी बहन डरकर पीछे वाले कमरे में चली गई। विजय लक्ष्मी ऊपर से वापस आई तो मां छोटी बेटी को लेने पीछे गईं। इसी दौरान आग अचानक तेज हो गई। विजय लक्ष्मी ने बताया कि मां और छोटी बहन को आग से झुलसते हुए बाहर आते देखा तो दोनों का हाथ पकड़ा और किसी तरह छत पर पहुंची। वहां से पड़ोसी की छत पर जाकर नीचे उतरीं और घर से बाहर निकलीं। विजय लक्ष्मी के पैर में मामूली चोट आई है, जबकि मां और छोटी बहन गंभीर रूप से झुलस गईं।
सोने से पहले निकाला था चार्जिंग प्लग
विजय लक्ष्मी ने बताया कि रात में सोने से पहले ई-स्कूटी का चार्जिंग प्लग निकाल दिया था। ऐसे में समझ नहीं आया कि अचानक आग कैसे लगी। हादसे के समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था। एक चाबी छोटी बहन के गले में थी और दूसरी मशीन पर रखी थी। घबराहट और अंधेरे के कारण छोटी बहन चाबी लेकर दरवाजे तक नहीं आ सकी। इसलिए छत का गेट खोलकर उसी रास्ते से तीनों बाहर निकलीं।
10 दिन पहले खरीदी थी ई-स्कूटी
बिंदुकुंवर के जीजा वीरेंद्र सिंह के अनुसार परिवार ने करीब 10 दिन पहले माणक चौक स्थित शोरूम से 85 हजार रुपये में नई ई-स्कूटी खरीदी थी। रात में स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। तड़के अचानक उसमें धमाका हुआ और देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ई-स्कूटी पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में बदल गई। घर का पूरा सामान जल गया, वहीं कूलर और पंखे भी पिघल गए।
आग लगने के बाद पड़ोसियों ने भी मदद की। घर में रखी रसोई गैस की टंकी को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। नगर निगम की दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
यह भी पढ़ें- इंदौर में जर्मन महिला से छेड़छाड़, गांधी हॉल में सेल्फी लेते वक्त सुरक्षा गार्ड ने की आपत्तिजनक हरकत
नहीं पहुंची एंबुलेंस
पड़ोसियों का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद घायलों को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। दीनदयाल नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि चार्जिंग पर नहीं लगी ई-स्कूटी में आग किस वजह से लगी और धमाका किन परिस्थितियों में हुआ।
