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    महाराष्ट्र सरकार की अन्नदाताओं को बड़ी सौगात, दो लाख तक की कर्जमाफी को मंजूरी; 56 लाख किसानों मिलेगा फायदा

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 09:58 PM (IST)

    महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना को मंजूरी दी है, जिससे 56 लाख किसानों का दो लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ ह ...और पढ़ें

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    महाराष्ट्र सरकार की अन्नदाताओं को बड़ी सौगात।

    HighLights

    1. दो लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ।

    2. 56 लाख किसानों को मिलेगा सीधा फायदा।

    3. ईमानदार किसानों को 50 हजार प्रोत्साहन राशि।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना को हरी झंडी दिखा दी गई। इस योजना के अंतर्गत राज्य के संकटग्रस्त किसानों का दो लाख रुपये तक का कृषि ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा।

    सरकार के इस फैसले से राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को सीधे तौर पर कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलेगी। मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, इस कर्ज माफी योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिनका कृषि ऋण 30 सितंबर, 2025 तक बकाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक पारदर्शी और व्यापक योजना है, जिसमें किसी भी प्रकार के अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं।

    ईमानदार किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

    इसके अतिरिक्त वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा एलान किया है। जो किसान ईमानदारी से अपने ऋण की किस्तें समय पर चुकाते रहे हैं और डिफाल्टर नहीं हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ऐसे नियमित कर्जदाता किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करेगी।

    किसानों को दी गई इस कर्जमाफी से महाराष्ट्र सरकार के बजट और राजकीय तिजोरी पर 36,585 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पूर्व में पेश किए गए 7.69 लाख करोड़ के वार्षिक बजट (2026-27) में ही इस योजना का वित्तीय खाका तैयार कर लिया गया था।

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    विधानसभा चुनाव में किया था कर्जमाफी का वादा

    हालांकि, इतनी बड़ी राशि के आवंटन से राज्य के बजट पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन सरकार ने बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों के साथ ही किसानों को राहत देना अपनी शीर्ष प्राथमिकता माना है। यह कर्ज माफी कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि भाजपा के नेतृत्व वाले 'महायुति' गठबंधन द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले जनता से किया गया एक प्रमुख और बड़ा चुनावी वादा था।

    चुनाव जीतने के बाद से ही सरकार इस योजना को लागू करने की तैयारी में जुटी हुई थी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया आगामी 30 जून से पहले हर हाल में पूरी की जाए, ताकि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसान नए सिरे से फसलों के लिए ऋण प्राप्त कर सकें।

    प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद भी सरकार की तरफ से इसकी औपचारिक घोषणा नहीं

    मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगने के बावजूद सरकार की तरफ से अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। दरअसल, राज्य में वर्तमान में विधान परिषद चुनावों के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है। इस कारण कैबिनेट के इस बड़े फैसले की कोई औपचारिक या आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा फिलहाल टाल दी गई है।

    सूत्रों का कहना है कि आचार संहिता समाप्त होते ही सहकारिता विभाग द्वारा इस योजना के विस्तृत नियम-शर्तें और क्रियान्वयन का परिपत्रक (जीआर) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा, जिससे किसानों को मानसून से ठीक पहले बड़ी राहत मिल सकेगी।