महाराष्ट्र: जलगांव में ग्रामीणों ने नाकाम की 36 करोड़ की लूट, भाग रहे 4 लुटेरों को 17 KM पीछा कर दबोचा
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भोकर गांव में एक बैंक में हुई 36.4 करोड़ रुपये की डकैती को ग्रामीणों और पुलिस की मुस्तैदी से नाकाम कर दिया गया।
HighLights
जलगांव में बैंक डकैती का प्रयास विफल हुआ।
ग्रामीणों और पुलिस ने 17 किमी पीछा कर लुटेरों को पकड़ा।
27 किलो सोना और नकदी शत-प्रतिशत बरामद हुई।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भोकर गांव में शनिवार दोपहर एक राष्ट्रीयकृत बैंक में हुई दुस्साहसिक डकैती का कुछ ही घंटों में नाटकीय अंत हो गया।
हथियारबंद लुटेरों ने बैंक कर्मचारियों पर हमला कर एक गोली चलाई और 12.3 लाख रुपये नकद व 36.4 करोड़ रुपये मूल्य का 27 किलोग्राम गिरवी रखा सोना लूट लिया।
हालांकि, सतर्क बैंक कर्मचारियों, ग्रामीणों, पुलिस पाटिल और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के चलते 17 किलोमीटर तक चले फिल्मी चेस के बाद चारों डकैतों को गिरफ्तार कर लिया गया और लूटा गया सारा माल शत-प्रतिशत बरामद कर लिया गया।
अलार्म बजने पर लुटेरों ने चलाई गोली
यह वारदात शनिवार दोपहर करीब 2:45 से 3:15 बजे के बीच भोकर गांव स्थित बैंक शाखा में हुई। बैंक में सामान्य कामकाज चल रहा था और कोई ग्राहक मौजूद नहीं था, तभी चेहरे पर रुमाल और सिर पर हेलमेट लगाए चार हथियारबंद बदमाश अंदर घुसे।
बदमाशों ने सुरक्षा गार्ड और क्लर्क पर हथियार तान दिया। इसी बीच कैशियर ने चुपके से अलार्म बटन दबा दिया, जिससे नाराज होकर लुटेरों ने उस पर डंडों से हमला कर दिया।
लुटेरों ने चार बैंक कर्मचारियों को एडहेसिव टेप से बांधकर जमीन पर बैठा दिया। जब कर्मचारियों ने चाबियां देने में आनाकानी की, तो डकैतों ने मारपीट तेज कर दी और सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा गोली भी चलाई, जो गनीमत रही कि उसे नहीं लगी।
इसके बाद बदमाशों ने स्ट्रांग रूम खुलवाया, काउंटर व वॉल्ट से नकदी और तिजोरी से 27 किलो सोना बैगों में भर लिया। फरार होने से पहले उन्होंने सभी कर्मचारियों के हाथ-पैर व मुंह टेप से बांधकर वॉशरूम में बंद कर दिया।
कर्मचारियों ने तोड़ी रस्सी तो ग्रामीणों ने शुरू किया पीछा
लुटेरों के बैंक से निकलते ही दो कर्मचारी खुद को बंधन से मुक्त करने में सफल रहे और फौरन बाहर भागे। उन्होंने देखा कि बदमाश अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर तेजी से भाग रहे हैं। कर्मचारियों ने तुरंत शोर मचाकर ग्रामीणों को खबर दी और खुद भी उनका पीछा करने लगे।
देखते ही देखते पूरे भोकर गांव में यह बात आग की तरह फैल गई। दर्जनों ग्रामीण अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लुटेरों के पीछे लग गए।
स्थानीय पुलिस पाटिल और ग्रामीणों ने आसपास के गांवों में फोन घुमाकर अलर्ट जारी कर दिया और संभावित रास्तों पर घेराबंदी शुरू कर दी।
जलगांव तालुका पुलिस स्टेशन करीब 30 किलोमीटर दूर था, लेकिन पुलिस पाटिल के नेटवर्क और ग्रामीणों की चौकसी ने बदमाशों के बच निकलने के रास्तों को सील कर दिया।
दिक्सई गांव में घेरे गए दो आरोपी, नाकाबंदी में बाकी दो भी पकड़े गए
ग्रामीणों और पुलिस का संयुक्त पीछा ग्रामीण सड़कों से होते हुए करीब 17 किलोमीटर तक चला। पहली बड़ी कामयाबी दिक्सई गांव के पास मिली, जहां ग्रामीणों ने दो लुटेरों को घेर लिया और ठीक उसी वक्त पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के बुरहानपुर निवासी 25 वर्षीय अंकुश तुलसीराम पवार और जलगांव निवासी 30 वर्षीय अंकुश श्रावण चव्हाण के रूप में हुई।
मौके पर हुई प्राथमिक पूछताछ में दोनों ने अपने बाकी दो साथियों के भागने की दिशा बता दी। इसके बाद धरनगांव पुलिस इंस्पेक्टर रमाकांत गायकवाड़ ने तुरंत आगे के रास्ते पर नाकाबंदी कराई और बाकी दोनों आरोपी नासिक निवासी 32 वर्षीय गजानन पवार और शंकर जसक को भी गिरफ्तार कर लिया।
बर्खास्त पीएसआई ने रची थी साजिश
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए चारों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनमें शामिल शंकर जसक रायगढ़ जिला पुलिस का बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर है, जिसे कुछ महीने पहले ही जलगांव जिले में बैंक डकैती के एक पुराने मामले में जमानत मिली थी। वहीं गजानन पवार पर हत्या का मामला दर्ज है और अंकुश पवार पर मुक्ताईनगर और जामनेर में लूट के केस हैं।
पुलिस ने लुटेरों के पास से 12.3 लाख रुपये नकद और 27 किलो सोना पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी करने वाले पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस पाटिल के अदम्य साहस और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
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