'सड़कों पर तो दुर्घटनाएं होंगी ही', पुणे में 11 साल के बच्चे की मौत के बाद NCP विधायक की फिसली जुबान
पुणे के हिंजवडी में खराब सड़क के कारण हुए हादसे में 11 साल के बच्चे की मौत हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा है।

NCP विधायक के बयान पर राजनीतिक विवाद गहराया

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डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे के हिंजवडी इलाके में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में 11 साल के बच्चे की मौत हो गई। इससे स्थानीय लोगों और रोजाना आने-जाने वालों में गुस्सा में हैं। घटना नंदे-महलुंगे रोड के खराब हिस्से पर घटी।
बच्चा अपने पिता और बहन के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था। सड़क की खराब हालत के कारण बाइक फिसल गई। जिससे बच्चा गिरकर पास से गुजर रहे ट्रक के पहियों के नीचे आ गया। पुलिस के अनुसार, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सड़कें हैं, तो दुर्घटनाएं होंगे ही: शंकर मंडेकर
हादसे के बाद, स्थानीय NCP विधायक शंकर मंडेकर के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। बच्चे की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंडेकर ने कहा कि अगर सड़कें हैं तो दुर्घटनाएं होंगी ही।
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अपनी आंखों से कुछ नहीं देखी। लेकिन मैंने जो सुना है, बाइक फिसल गई और बच्चा गिर गया। सड़क खराब और कीचड़ वाली थी, जिसके कारण दुर्घटना हुई, मेरा व्यक्तिगत रूप से यही मानना है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि जब भी कोई दुर्घटना होती है, चाहे बड़ी गाड़ी के ड्राइवर की गलती हो या न हो, मामला हमेशा उसी के खिलाफ दर्ज किया जाता है।
चाहे डंपर ड्राइवर की गलती हो या न हो, बच्चा उसकी गाड़ी के नीचे कुचला गया, इसलिए उसके खिलाफ मामला निश्चित रूप से दर्ज किया जाएगा। ऐसा नहीं होना चाहिए, और मेरी यही इच्छा है। लेकिन मैं इस मामले में असहाय हूं, मैं क्या कर सकता हूं? मुझे इसमें प्रशासन की ओर से कोई विफलता नहीं दिखती।
CCTV में क्या दिखा?
शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि सड़क पर गड्ढे के कारण बाइक फिसल गई थी। दुर्घटना CCTV में कैद हुई है। मोटरसाइकिल ट्रक के साथ-साथ चल रही थी, तभी बाईं ओर से ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में वह फिसल गई। जिससे बच्चा ट्रक की ओर गिरा और उसके पिछले पहियों के नीचे आ गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच भी जारी है। यह सड़क रिहायशी इलाकों और आईटी हब के बीच आने-जाने वाले लोगों द्वारा बहुत अधिक इस्तेमाल की जाती है। स्थानीय निवासियों ने कई बार सड़क के खराब हिस्सों, गड्ढों, ढीली मिट्टी और बजरी की शिकायतें की थीं।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
सोमवार को हुए हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने सवाल उठाया कि मरम्मत के दौरान और खराब हालत वाली सड़क पर यातायात क्यों जारी रखा गया। पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस बारे में पहले ही नगर निगम से बात कर ली थी।यह घटना अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार पर गड्ढों से निपटने के तरीके को लेकर निशाना साधा है और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'क्या नागरिकों की जान की कोई कीमत है? और कितनी बेगुनाह जानें जाएंगी?' उन्होंने कॉरपोरेटरों, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर सवाल उठाए।
गणेश उत्सव से पहले पूरी हो गड्ढों की मरम्मत
महाराष्ट्र सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने का दावा किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार चाहती है कि गणेश उत्सव से पहले पूरे राज्य में गड्ढों की मरम्मत हो जाए। उन्होंने कहा कि नासिक, ठाणे, पुणे या चाकन कहीं भी हो, गड्ढों से लोगों को परेशानी हो रही है।
सभी नगर निगमों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं, इसलिए नगर निगमों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि काम चलते समय सड़कों पर गड्ढे न रहें, यह सुनिश्चित किया जाए।
बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री, मंत्री और गार्जियन मंत्री नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आश्वासन दिया कि गड्ढों को ठीक किया जाएगा और इनसे कोई मौत नहीं होनी चाहिए।
