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Ramon Magsaysay Award 2026: रूना खान को मिला एशिया का प्रतिष्ठित सम्मान, नाव को ही बना दिया स्कूल और अस्पताल

Updated: Mon, 31 Aug 2026 05:38 PM (IST)

रुना खान को 2026 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार उनके अनूठे कार्य के लिए मिला है, जिसमें उन्होंने नावों पर स्कूल ...और पढ़ें

बांग्लादेश की Friendship NGO की संस्थापक रुना खान को मिला एशिया का प्रतिष्ठित सम्मान

बांग्लादेश की Friendship NGO की संस्थापक रुना खान को मिला एशिया का प्रतिष्ठित सम्मान

HighLights

  1. वर्ष 2026 के लिए बांग्लादेश की रूना खान को मिला रेमन मैग्सेसे अवार्ड।

  2. गरीब लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी जरूरी सुविधाएं को पहुंचाने का करती हैं काम।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। एशिया के सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित और एशिया का नोबेल कहे जाने वाले रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2026 इस बार बांग्लादेश की Friendship NGO की संस्थापक रुना खान को को दिया गया है। रूना खान   पहुंचाने का यह काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिसके चलते वे दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं।

चलते-फिरते स्कूल और अस्पताल को लेकर मिला पुरस्कार

रूना खान को रेमन मैग्सेसे अवार्ड उनके एक अनूठे कार्य के लिए दिया गया है। जलवायु परिवर्तन से प्रभावित और गरीब बच्चों और वहां की जनता के लिए नाव पर ही स्कूल और अस्पताल का निर्माण किया। अगर कभी नदी में कटान या बाढ़ की स्थिति आती है तो ये सभी स्कूल और अस्पताल एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिए जाते हैं। उनके इसी असाधारण काम के लिए उन्हें Ramon Magsaysay Award 2026 प्रदान किया गया है।

Friendship NGO की हैं संस्थापक

रूना खान अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन (NGO) की संस्थापक भी हैं। उन्होंने शुरुआत वर्ष 2002 में Friendship NGO की स्थापना की। इस एनजीओ का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश के सुदूर, कठिन और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों (विशेषकर ब्रह्मपुत्र नदी के रेतीले द्वीपों या 'चौर' क्षेत्रों) में रहने वाले लोगों को सहायता पहुंचाना है।

रूना खान का परिचय

रूना खान का जन्म 7 नवंबर 1958 को ढाका के एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनका बचपन सुख सुविधाओं के बीच बीता क्योंकि उनका परिवार जमीदारों के खानदान से था। रूना खान ने अपने करियर में कई डिग्री हासिल की हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में फॉर्मव्‍यू इंटरनेशनल स्‍कूल से हुई। इसके बाद पाकिस्तान के मरी स्थित सेंट डेंस हाई स्‍कूल से पढ़ाई आगे बढ़ाने के बाद उच्च शिक्षा भारत के कोलकाता के लेडी ब्राबौन कॉलेज से हासिल की जहां उन्होंने भूगोल में ऑनर्स के साथ बैचलर डिग्री हासिल की। इसके बाद भी उन्होंने कई डिग्री हासिल की हैं।

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