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    पायलट बनने के लिए क्या है एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग खर्च के बाद कितनी मिलेगी सैलरी, जानें सबकुछ

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 04:41 PM (IST)

    पायलट बनने के लिए सबसे पहले छात्र का फिजिक्स एवं मैथ्स के साथ 12th उत्तीर्ण होना अनिवार्य है तभी वे ट्रेनिंग के लिए आगे की प्रक्रिया में भाग ले सकते ह ...और पढ़ें

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    Eligibility Criteria for Pilot

    करियर डेस्क, नई दिल्ली। एविएशन सेक्टर का भारत की अर्थव्यवस्था में 5.36 फीसदी योगदान है। इस क्षेत्र में 75 हजार से अधिक नौकरियां उपलब्ध हैं और आगे भी हजारों जॉब्स आने वाली हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां शुरुआती सैलरी ही लाखों में मिलती है। ऐसे में आप भी अगर आगे चलकर पायलट बनकर खुले आसमान में हवाई जहाज के कॉकपिट तक पहुंचने का सपना देख रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी है।
    आप यहां से पायलट बनने के लिए एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग, ट्रेनिंग के लिए खर्च और चयनित होने के बाद सैलरी जैसी जानकारी को जान सकते हैं।

    पायलट बनने के लिए पात्रता

    पायलट बनने के लिए सबसे पहले तो अभ्यर्थी का मैथ्स और फिजिक्स विषयों के साथ 12th उत्तीर्ण होना अनिवार्य है और साथ ही न्यूनतम उम्र 18 वर्ष से कम न हो। अगर आप आर्ट्स या कॉमर्स से 12th उत्तीर्ण हैं तब भी पायलट बनने की ट्रेनिंग ले सकते हैं लेकिन आपको इसके लिए छात्र ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूलिंग (NIOS) या किसी भी स्टेट ओपन बोर्ड से 12वीं कक्षा भौतिक विज्ञान एवं गणित विषय के साथ पास की हो।

    फिजिकली फिट होना अनिवार्य

    पायलट बनने के लिए अभ्यर्थियों का शारीरिक रूप से फिट होना अनिवार्य है। इसके लिए डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा अप्रूव्ड डॉक्टरों द्वारा मेडिकल टेस्ट करवाया जाता है। अगर आप मेडिकली फिट होंगे तो आप आगे ट्रेनिंग लेने के लिए एलिजिबल होंगे।

    ट्रेनिंग के लिए देनी होगी परीक्षा

    पायलट बनने के लिए छात्रों को पहले (कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial Pilot License/ CPL) देनी होगी। इस यह परीक्षा हर साल 4 बार होती है। अगर आप इसको पास कर लेते हैं तो आप ट्रेनिंग के लिए एलिजिबल हो जाते हैं।

    अभ्यर्थियों को दो तरह की ट्रेनिंग (ग्राउंड ट्रेनिंग, फ्लाइंग ट्रेनिंग) दी जाती है। ग्राउंड ट्रेनिंग के दौरान मेटरोलॉजी, एयर रेगुलेशन, नेविगेशन, रेडियो टेलीफोनी, टेक्निकल आदि चीजें सिखाई जाती हैं। इसे पास करने के लिए न्यूनतम 70 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
    इस ट्रेनिंग को पास करने के बाद DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) में एडमिशन दिया जाता है। इस जगह पर अभ्यर्थियों को 200 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव दिया जाता है। ट्रेनिंग की अवधि 14 से 15 महीने की होती है।

    एयरलाइन कंपनियों से भी ली जा सकती है ट्रेनिंग

    भारत में एयर इंडिया सहित अन्य कंपनियां भी पायलट बनने के लिए ट्रेनिंग देती हैं। इस दौरान में थ्योरी से लेकर विमान उड़ाने तक की ट्रेनिंग प्रदान करती हैं। ऐसे में आप एयरलाइन कंपनियों से भी पायलट बनने की ट्रेनिंग ले सकते हैं।

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    ट्रेनिंग के दौरान खर्च और वेतन

    पायलट बनने के लिए ट्रेनिंग का खर्च देश के हिसाब से अलग-अलग है। भारत में किसी उच्च संस्थान से पायलट बनने की ट्रेनिंग लेने के लिए 50 से 55 लाख खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका में भी भारत के जितना ही पैसा खर्च होता है। अन्य देशों में खर्च अलग-अलग हो सकता है।
    हालांकि, पायलट बनने के बाद शुरुआत वेतन ही एक से सवा लाख हो सकता है। कैप्टन पद वाले उम्मीदवार को 4 से 8 लाख प्रतिमाह वेतन मिलता है। देश और एयरलाइन कंपनी को ध्यान में रखकर वेतन में कम ज्यादा हो सकता है।

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