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    क्यों रखती है पाक आर्मी अदियाला जेल में अपने सबसे कट्टर दुश्मनों को, आज भी दफन है इस जेल में स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 03:11 PM (IST)

    पाकिस्तान की आदियाला जेल को सबसे कुख्यात जेल कहा जाता है। इसी जेल में पाकिस्तान के पूर्व पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो को साल 1979 फांसी दी गई थी। जेल को 142 सालों में चार बार बदला जा चुका है। आज भी इसी जेल की दिवारों में दफन है भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी। 

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    यहां देखें आदियाला जेल के बारे में।

    एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली: पाकिस्तान से लेकर पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि इमरान खान जिंदा हैं या नहीं? दरअसल पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि इमरान खान की तबियत ठीक नहीं हैं। तो कई दावा कर रहे हैं कि उनकी अदियाला जेल में मौत हो चुकी है। ऐसे में उनका परिवार लगातार अदियाला जेल के बाहर प्रोटेस्ट कर रहा है तो वहीं इमरान खान के बेटे ने जेल प्रशासन और सरकार से उनके जिंदा होने का सबूत मांगा है।

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    हालांकि जेल अधिकारियों द्वारा आश्वासन देते हुए इमरान खान की बहनों ने पीटीआई समर्थकों के साथ प्रोटेस्ट को रोक तो दिया है। लेकिन इसके साथ ही पाकिस्तान की सबसे कुख्यात कही जाने वाली अदियाला जेल एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। तो आइये जानते हैं, पाकिस्तान की इस कुख्यात जेल के बारे में और क्यों यहां पाक आर्मी अपने दुश्मनों रखती है।

    142 साल पुराना इतिहास

    पाकिस्तान की आदियाला जेल का इतिहास 142 साल पुराना है। इस जेल में कई खतरनाक अपराधियों, आतंकियों और बड़े नेताओं को रखा जा चुका है। इसी जेल में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान 14 साल की सजा काट रहे हैं। यह जेल पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित है। इस जेल को रावलपिंडी जिला जेल भी कहा जाता है।

    चार बार बदली जेल

    पाकिस्तान की यह खतरनाक जेल सिर्फ एक कैदखाना ही नहीं, बल्कि कई स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी आज भी इस जेल की दिवारों में दफन है। इस जेल को 142 सालों में चार बार बदला जा चुका है। अपने शुरुआती दिनों में यह जेल सबसे पहले कमेटी चौक तेली मोहल्ला रोड पर स्थित थी। इसके बाद इसे साल 1882 में जिन्ना पार्क और जुडिशियल कॉम्प्लेक्स के पास शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद इस जेल को साल 1988 में तुड़वाकर अदियाला गांव के पास शिफ्ट कर दिया गया है।

    इसी जेल में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी

    पाकिस्तान की आदियाला जेल अपने शुरुआती दिनों से ही चर्चा में रही है। इसी जेल में 04 अप्रैल, 1979 में पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी दी गई थी। यहीं नहीं इस जेल में नवाज शरीफ, यूसुफ रजा गिलानी, शाहिद खाकान जैसे प्रधानमंत्री को भी रखा जा चुका है। बता दें, पाकिस्तान की इसी आदियाला जेल में स्वतंत्रता के लिए अपनी आवाज बुलंद करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को भी बंधक बनाकर रखा जाता था। 

    पाक आर्मी अपने दुश्मनों को यहां क्यों रखती है

    दरअसल रावलपिंडी में पाकिस्तान का मिलिट्री हेडक्वार्टर है, जिसके कारण पाकिस्तान की सेना को अपने सबसे कट्टर दुश्मनों पर नजर रखने में आसानी होती है। आपको बता दें, इस जेल में कई बड़े नेता ही नहीं, बल्कि कई खूंखार आतंकियों को भी रखा जा चुका है। आदियाला जेल में 26/11 हमले के मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान-लखवी को रखा गया था।

    जेल की बदहाली

    पंजाब कारागार विभाग द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार आदियाला जेल 100 एकड़ में बनाई गई है। इस जेल को केवल 1,900 कैदियों के लिए तैयार किया गया है, लेकिन जेल के हालात इतने खराब है कि इस जेल में महिलाओं सहित लगभग 6,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। जेल में हजारों कैदियों को कम हवादार, बंद और संकरी कोठरियों में कैद किया गया है। साथ ही जेल में रहने वाले लोगों के लिए स्वस्थ भोजन व पानी की भी ठीक से सुविधा नहीं है। यहां हर दम कैदियों पर खतरनाक बीमारी, कुपोषण और मौत का खतरा मंडराता रहता है। जेल के हालात इतने खराब है कि एक बार यहां लगभग 148 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे।

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