लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को बड़ी राहत, SC से मिली दीवाली पर घर जाने की मंजूरी
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें अपने गृह ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को कोर्ट ने अपने गृह नगर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाकर परिवार के साथ दीवाली मनाने की अनुमति दे दी है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने यह राहत तब दी, जब आशीष मिश्रा के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष भी दीवाली के दौरान उन्हें परिवार से मिलने की अनुमति दी थी।
अदालत ने इस आधार पर दोबारा राहत देते हुए आशीष मिश्रा के उस हलफनामे और आश्वासन को भी रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि वे 16 नवंबर तक अपना गृह नगर छोड़कर लौट जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दी सख्त हिदायत
सुप्रीम कोर्ट ने सीमित अवधि की इस यात्रा के लिए पुरानी सभी कड़ी शर्तों को फिर से लागू किया है। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी में रहते हुए केवल अपने परिवार के सदस्यों के साथ ही समय बिताएंगे।
उन्हें मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने की किसी भी तरह की कोशिश न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
क्या है लखीमपुर खीरी मामला?
यह पूरा मामला 3 अक्टूबर 2021 की उस घटना से जुड़ा है, जब केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर एसयूवी गाड़ी चढ़ा दी गई थी, जो कथित तौर पर आशीष मिश्रा की थी। इस घटना और उसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई थी।
इसके बाद, गुस्साए किसानों ने कथित तौर पर गाड़ी के ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी। मिश्रा जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उन्हें अपने गृहनगर लखीमपुर खीरी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी।
मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने यात्रा की अनुमति मांगी, जिसके बाद सोमवार को पीठ ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को दिवाली का त्योहार अपने परिवार और करीबी रिश्तेदारों के साथ मनाने के लिए लखीमपुर खीरी स्थित अपने गृहनगर जाने की अनुमति दी जाती है। यह अनुमति पहले लगाई गई शर्तों के अधीन होगी। उन्हें 16 अक्टूबर तक वापस लौटना होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि इस मामले में सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट के जज का इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा तबादला कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि मामले की सुनवाई के लिए एक नए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, यह भी जानकारी दी गई कि 131 गवाहों में से 90 गवाहों से पूछताछ पूरी हो चुकी है।
