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    असम में 'संदिग्ध मतदाताओं' के लाखों नाम हटाए गए : सीएम हिमंत

    Updated: Thu, 12 Feb 2026 02:00 AM (IST)

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया है कि राज्य में चुनावी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान लाखों 'संदिग्ध मतदाताओं' के नाम हटाए ग ...और पढ़ें

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    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा। (एएनआई)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि राज्य में चुनावी मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के दौरान लाखों ''संदिग्ध मतदाताओं'' के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ''यह केवल शुरुआत है। जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) किया जाएगा, तो और भी लोगों के नाम हटाए जाएंगे।''

    मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इन हटाए गए नामों में से कई भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर थे। यह टिप्पणी उस दिन आई है जब चुनाव आयोग ने असम के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें 2.43 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं।

    उन्होंने कहा, ''जितना संभव हो, हमारे पार्टी के सदस्यों ने शिकायतें दर्ज कीं। इन शिकायतों के आधार पर नाम हटाए गए हैं।'' सरमा ने दावा किया कि असम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए। कुछ लोगों ने हमें धमकाने की कोशिश की। लेकिन हम सफल रहे। हमारे भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर के अधिकारियों को यह समझाने में सफल रहे कि जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं, वे अब निवासी नहीं हैं।

    उन्होंने कहा, ''अवैध बांग्लादेशी मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा।'' शिकायतों और आपत्तियों के अंत में अंतिम चुनावी सूची मंगलवार को प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 2.49 करोड़ मतदाता हैं, जो ड्राफ्ट सूची से 0.97 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।

    सीएम ने पहले संकेत दिया था कि केवल 'मिया' (स्थानीय भाषा में अवैध बांग्लादेशी मुसलमान) को एसआर प्रक्रिया के दौरान नोटिस दिए जा रहे थे, ताकि उन्हें ''दबाव में रखा जा सके और कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ''अवैध बांग्लादेशियों'' के खिलाफ पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)