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    सिया के इशारे पर प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेला, पहले दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप मढ़े; फिर जुर्म स्वीकारा

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 06:56 AM (IST)

    जांच से पता चला कि केतन की मंगेतर सिया गोयल से संकेत मिलने पर उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को लोहगढ़ किले से धक्का दे दिया था। यही नहीं सिया और चेतन ...और पढ़ें

    सिया के इशारे पर प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेला

    सिया के इशारे पर प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेला

    HighLights

    1. केतन की हत्या से एक दिन पहले दोनों कैफे में मिले थे, सर्च किया था हत्या का तरीका 

    2. आमने- सामने की पूछताछ में पहले दोनों ने एक दूसरे पर आरोप मढ़े , फिर जुर्म स्वीकारा 

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पुणे के लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की हत्या मामले में एक एक कर साजिश की परतें लगातार खुलती जा रही हैं।

    जांच से पता चला कि केतन की मंगेतर सिया गोयल से संकेत मिलने पर उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को लोहगढ़ किले से धक्का दे दिया था। यही नहीं सिया और चेतन ने वारदात को अंजाम देने से पहले हत्या करने का तरीका भी सर्च किया था।

    जांच से यह भी पता चला है कि केतन की हत्या से एक दिन पहले दोनों एक कैफे में मिले थे। पुणे के कैफे से मिले सीसीटीवी फ़ुटेज में सिया और चेतन चौधरी को 17 जून को मिलते देखा गया है।

     दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया 

    पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या एक घंटे तक चली यह मुलाकात साजिश से जुड़ी थी।जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने कहा, आमने सामने की पूछताछ में दोनों ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की, हालांकि आखिरकार सिया ने मान लिया कि उसने ही साजिश रची थी और चेतन भी उस साजिश में शामिल था।

    अधिकारी ने बताया कि चेतन ने शुरू में दावा किया कि वह किले में मौजूद तो था, लेकिन उस जगह नहीं गया जहां केतन को नीचे धकेला गया था, और उसे ठीक-ठीक नहीं पता था कि क्या हुआ था। हालांकि यह साफ़ था कि वह झूठ बोल रहा था।

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    आखिरकार उन दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया और घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा दिया।प्रेट्र के अनुसार साजिश के तहत सिया को बैठकर संकेत दिया, जिसके बाद चेतन आया और केतन को धक्का दिया।

    केतन को इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी मौत होने वाली है। इससे पहले वह कुछ समझ पाता उसे खाई में धकेल दिया गया। पुलिस ने दोनों से पूछा कि बेगुनाह की हत्या करने के बजाय वे घर से भाग क्यों नहीं गए।

    इस पर उनका कहना था कि इससे उनके परिवारों की बदनामी होती। सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजे गए दो आरोपितों से देर रात तक पूछताछ की गई।

    मिडडे के अनुसार केतन के पिता विशाल ने कहा, मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। अगर वह शादी खत्म करना चाहती थी, तो चली जाती। हत्या करने की क्या ज़रूरत थी? जब तक हर ज़िम्मेदार व्यक्ति को सज़ा नहीं मिल जाती, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।

    उन्होंने कहा, केतन ने सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन हमने केतन की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि हम उस परिवार पर भरोसा करते थे।

    केतन के दादा ने कहा, हम गोयल परिवार को लगभग 45 से 50 साल से जानते थे। शादी का प्रस्ताव उनकी तरफ से आया था। हमने सोचा भी नहीं था कि हमारे परिवार पर ऐसी त्रासदी आएगी।

    वहीं सिया के पिता ने कहा कि इस अपराध के लिए जो भी ज़िम्मेदार हो उसे उसी तरह किले से नीचे फेंक दिया जाना चाहिए, जिस तरह केतन को धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया था भले ही वह उनकी बेटी क्यों न हो।

    चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे के समर्थन में सामने आए और कहा कि सिया ने "झूठे मामले में फंसाया" है।

    इस बीच, पुणे ग्रामीण पुलिस को इस मामले में अहम गवाह मिला है। चेतन की दुकान पर काम करने वाले नीरज कुमार ने बयान दर्ज कराया है। केतन की मौत की साजिश का पता लगाने में उसका बयान अहम साबित हो सकता है।

    पुलिस का दावा है कि 18 जून को चेतन ने अपना मोबाइल फोन नीरज के पास छोड़ दिया और नीरज का फोन लेकर लोहागढ़ किले पर गया। यह भी पता चला है कि सिया और चेतन केतन की हत्या से पहले लगभग छह महीनों तक लगातार बातचीत की; इस दौरान उन्होंने कुल 2,004 बार फोन पर बात की और फ़ोन पर 238 घंटे बिताए।

    एसआईटी गठित करेगी महाराष्ट्र सरकार

    मुंबई राज्य ब्यूरो के अनुसार केतन हत्याकांड का मामला विधानसभा में उठा। राकांपा सदस्य सुनील शेल्के द्वारा यह मुद्दा उठाने के बाद पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को एसआइटी गठित करने का आदेश दिया। सरकार जल्द ही एसआइटी गठित करेगी।