'अराजकता की ओर धकेल रहे', बीजेपी ने राहुल गांधी पर लगाया उत्तर-दक्षिण बंटवारे का आरोप
बीजेपी ने राहुल गांधी पर भाषाई आधार पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है, जब उन्होंने ...और पढ़ें
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार।
HighLights
राहुल गांधी पर भाषाई आधार पर देश बांटने का आरोप।
पीएम मोदी ने तमिल भाषा को सम्मान दिया: बीजेपी।
जेएनयू प्रोफेसर पर कार्रवाई न करने पर सवाल।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीजेपी ने रविवार को राहुल गांधी पर भाषाई आधार पर देश में बंटवारा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह आरोप तब लगाया गया जब विपक्ष के नेता (LoP) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति पर पूरी तरह से हमला किया है।
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि असलियत यह है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में तमिल भाषा को बहुत सम्मान मिला है। पीएम ने इसे दुनिया की सबसे पुरानी भाषा बताया है और विदेशों में भी इसकी समृद्ध संस्कृति की तारीफ की है।
'अराजकता की ओर धकेल रहे राहुल गांधी'
उन्होंने कहा, "तमिल भाषा को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उसके विभिन्न आयामों में स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं।" बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल भारत को अराजकता की ओर धकेलने और भाषाई आधार पर उत्तर और दक्षिण के बीच विभाजन पैदा करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
त्रिवेदी ने कहा, "जब 2023 में नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल को शाश्वत तमिल संस्कृति के सम्मानित प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया।" उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी अनुवाद की एक प्रति भेंट की।
'तब आपको जेल भेज दिया जाता था'
त्रिवेदी ने मोदी पर राहुल की अघोषित आपातकाल वाली टिप्पणी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ""आज आप प्रधानमंत्री के बारे में जो चाहें कह सकते हैं, बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां कर सकते हैं। एक समय ऐसा भी था जब अगर आप किसी सार्वजनिक जगह पर सिर्फ यह कह देते थे कि इंदिरा गांधी सरकार को हटाना चाहिए तो आपको जेल भेज दिया जाता था।"
जेएनयू प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग
इस बीच, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा अकोइजम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जो पार्टी के सांसद भी हैं और जिन्हें हाल ही में यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण जेएनयू से बर्खास्त कर दिया गया था।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वराज ने गांधी से पूछा कि क्या उनकी पार्टी के लिए नारी सम्मान सिर्फ एक नारा है या कोई नीति। उन्होंने पूछा "अगर पितृसत्ता को खत्म करना आपके लिए कोई सोची-समझी सोच है और सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं है तो अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करें।"
