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    चीनी मांझा: बम से भी खतरनाक, कहां-कहां बैन; क्या है नियम? पूरी डिटेल

    By DEEPAK GUPTAEdited By: Deepak Gupta
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:53 PM (IST)

    त्योहारी सीजन में चाइनीज मांझा इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, जिस पर सरकार और अदालतों ने कड़ा रुख अपनाया है। ...और पढ़ें

    बम से भी खतकनाक चाइनीज मांझा।       (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    बम से भी खतकनाक चाइनीज मांझा। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    HighLights

    1. चाइनीज मांझा इंसानों और पक्षियों के लिए जानलेवा।

    2. NGT ने 2017 में देशव्यापी प्रतिबंध लगाया।

    3. उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी सजा।

    दीपक गुप्ता, नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है, इसके साथ ही आसमान भी रंग-बिरंगी पतंगों से खूबसूरत दिखने लगा है। त्योहारी सीजन में इस पतंगबाजी के बीच एक अदृश्य मौत हवा में उड़ रही है, जिसका नाम है, चाइनीज मांझा। ये मांझा ने केवल इंसानों के लिए बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी मौत का पैगाम बन चुका है।

    हर साल चाइनीज मांझे से हजारों लोगों को गले कटने, हाथ-पैर जख्मी होने की खबरे सामने आती हैं। सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक भी लगा दी है। बावजूद इसके ये अदृश्य मौत आसमान में लहराती नजर आ ही जाती है।

    चाइनीज मांझे का शिकार, न केवल स्कूटी और बाइक सवार हो रहे हैं, बल्कि आसमान में पक्षी और पतंग उड़ाने वाले भी इससे घायल हो रहे हैं। चाइनीज मांझे को लेकर सरकारें तक कड़ा रुख अपना अपना रही हैं। अदालतों ने भी चाइनीज मांझे को लेकर सख्त रुख अपनाया है और राज्यों से सख्ती करने को कहा है।

    Chinese Manjha AI

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगी सरकार से रिपोर्ट

    इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह जांच करे कि प्रतिबंधित मांझा कहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से तो नहीं बेचा जा रहा है। अदालत ने कहा कि यदि प्रतिबंध के बावजूद इसकी ऑनलाइन बिक्री हो रही है तो इस पहलू गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट पेश की जाए। कोर्ट 2018 की लंबित जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

    खबरें और भी

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार के दिए निर्देश

    जनवरी में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को चीनी मांझे पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि यदि कोई नाबालिग प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाता हुआ पाया जाता है, तो उसके अभिभावक को भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

    कहां-कहां चीनी मांझे पर रोक?

    वैसे से पूरे भारत में चाइनीज मांझा की खरीद, बिक्री और स्टॉक पर रोक है। ये कुछ राज्य हैं, जहां इस पर विशेष सख्ती है।

    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • कर्नाटक
    • आंध्र प्रदेश
    • दिल्ली-एनसीआर

    दुनिया भर में सालाना 37,000 बच्चों की मौत

    दुनिया भर में पतंग उड़ाने के दौरान गिरने से हर साल 37,000 से ज्यादा बच्चों और युवाओं की मौत हो जाती है। भारत में कांच की कोटिंग वाली सिंथेटिक डोरी, जिसे चाइनीज मांझा भी कहा जाता है, हर साल कई लोगों की जान लेता है। सिर्फ मकर संक्रांति और स्वतंत्रता दिवस पर ही हर साल चाइनीज मांझे और ऊंचाई से गिरने की वजह से 4 से 15 लोगों की जान चली जाती है।

    NGT ने 2017 में लगाया चाइनीज मांझा पर बैन

    चाइनीज मांझा ने केवल इंसानों का गला काटता है बल्कि पक्षियों को भी बुरी तरह उलझाकर मार डालता है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर खतरा मानते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2017 में कांच की कोटिंग वाले सिंथेटिक धगे के निर्माण, बिक्री और सप्लाई पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था।

    चाइनीज मांझा: लागू धाराएं और सजा

    • भारतीय न्याय संहिता- धारा 106(1) चाइनीज मांझे से किसी की मौत या गंभीर चोट पर अधिकतम 5 साल की जेल, साथ में भारी जुर्माना, नाबालिग शामिल होने पर अभिभावक भी जिम्मेदार।
    • भारतीय न्याय संहिता- धारा 223 प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध (उपयोग, बिक्री, स्टॉक रखना) का उल्लंघन करने पर आपराधिक मामला दर्ज होगा। जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों की सजा।
    • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- धारा 163 कलेक्टर या प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन दंडनीय अपराध माना जाएगा। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई संभव।
    • भारतीय न्याय संहिता- धारा 125 मानव जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालने पर तीन तरह से सजा का प्रावधान है।
    • बिना चोट: 3 माह तक जेल या 2,500 रुपए जुर्माना साधारण।
    • चोट: 6 माह तक जेल या 5,000 रुपए जुर्माना।
    • गंभीर चोट: 3 साल तक जेल या 10,000 रुपए जुर्माना।

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