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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर अड़ी सीजेपी, दिल्ली और मुंबई में एक साथ भारी विरोध-प्रदर्शन

Published: Sat, 03 Oct 2026 02:00 AM (IST)

गांधी जयंती के दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। इस्तीफे की ...और पढ़ें

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर मुंबई और दिल्ली में सीजेपी का प्रदर्शन (फोटो- एएनआई)

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर मुंबई और दिल्ली में सीजेपी का प्रदर्शन (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. इस प्रदर्शन को कुछ राजनीतिक दलों और बड़ी हस्तियों का भी मिला समर्थन 

  2. दिल्ली में लगभग 700 लोग हिरासत में लिए गए, जंतर-मंतर पर की गई प्रदर्शन की कोशिश 

  3. मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। गांधी जयंती के दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश की गई।

मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को विपक्ष और कुछ प्रसिद्ध फिल्मी जगत से जुड़े लोगों का समर्थन मिला। इस बीच शिवाजी पार्क में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल का दौरा पड़ने से 75 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई।

दिल्ली के कनॉट प्लेस की सड़कों पर हंगामा हुआ

दिल्ली के कनॉट प्लेस की सड़कों पर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) के साथ ही कांग्रेस से संबद्ध कई संगठनों के कार्यकर्ता भारी संख्या में जंतर-मंतर के पास पहुंचने की कोशिश करने लगे।

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने अशोका रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया और आप नेता आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, अनुराग ढांढा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह सहित 700 से अधिक कार्यकर्ताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

सुबह ही जनपथ, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग सहित 11 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था। यहां वामपंथी दलों के नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के आह्वान पर सैकड़ों लोग जमा हुए

वहीं, मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के आह्वान पर सैकड़ों लोग जमा हुए। शिवाजी पार्क में शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और सीजेपी समर्थक तिरंगा, बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले नारे लगाए। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई। कहा कि मुंबई से शुरू हुआ आंदोलन गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इस प्रदर्शन को कुछ विपक्षी दलों और बड़ी हस्तियों का समर्थन भी मिला।

शिवाजी पार्क में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी जैसे फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंचे।

मुंबई पुलिस ने सीजेपी को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बावजूद सीजेपी ने ‘जेल भरो आंदोलन’ करने की घोषणा की थी। शिवाजी पार्क में माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन कोई बड़ा हिंसक टकराव या लाठीचार्ज नहीं हुआ।

मुंबई में प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया

मुंबई में प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया। कुछ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से इलाके की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। विरोध कर रहे एक समूह ने सीजेपी के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस तरह शिवाजी पार्क में आंदोलन के साथ विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला भी देखने को मिला।

ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होगा विरोध प्रदर्शन : दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को घोषणा की कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने देर रात एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो पूरे देश से काकरोच दिल्ली तक मार्च करेंगे और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।" यदि दिल्ली पुलिस रोकने की कोशिश करेगी तो प्रदर्शनकारियों को जहां भी रोका जाएगा, वही जंतर-मंतर बन जाएगा।

ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बिठाया है वह भी जाएगा : राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाना होगा और जिस सिस्टम ने उन्हें इस पद पर बिठाया है, वह भी खत्म हो जाएगी।

एक्स पर हिंदी में पोस्ट में गांधी ने कहा कि आज गांधी जयंती है और हजारों युवा शांतिपूर्ण ढंग से, बिना हिंसा के, अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। उनकी मांग साफ है, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। लोकतंत्र बचाओ। और मोदी-शाह सरकार का जवाब? लड़के-लड़कियों को सड़कों से घसीटा जा रहा है। सैकड़ों हिरासत में हैं।

आगे कहा कि उनका कसूर सिर्फ यह है कि उन्होंने वोट चोरी पर सवाल पूछा। बापू ने यही सिखाया था - सच बोलो, शांतिपूर्ण तरीके से लड़ो। और यही सरकार को सबसे ज्यादा डराती है। क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती, सवाल नहीं।