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फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोर्न ऐप की आड़ में यूजर्स के साथ हो रही धोखाधड़ी, साइबर एजेंसी ने चेताया

Updated: Tue, 01 Sep 2026 06:29 AM (IST)

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की NCTAU ने पोर्न ऐप बनकर आने वाले खतरनाक Android ऐप्स से वित्तीय धोखाधड़ी की चेतावनी दी है।

पोर्न ऐप की आड़ में यूजर्स के साथ हो रही धोखाधड़ी।

पोर्न ऐप की आड़ में यूजर्स के साथ हो रही धोखाधड़ी।

HighLights

  1. NCTAU ने पोर्न ऐप से होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी पर चेताया।

  2. खतरनाक Android ऐप्स फेसबुक-इंस्टाग्राम विज्ञापनों से फैलाए जा रहे हैं।

  3. ये ऐप्स डिवाइस कंट्रोल लेकर यूजर्स को ठगते हैं, सतर्क रहें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के तहत नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने यूजर्स को चेतावनी दी है कि पोर्न ऐप बनकर आने वाले खतरनाक Android ऐप्स के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी हो रही है।

ये ऐप्स डाउनलोड होने पर एक्सेसिबिलिटी परमिशन का गलत इस्तेमाल करके यूजर्स के डिवाइस का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं।

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए ठगी

NCTAU ने कहा कि Night Play, Reloop, Kyss, Riva, Vima, Nexo और Vixa जैसे नामों से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक विज्ञापन यूजर्स को पोर्नोग्राफिक कंटेंट वाली फिशिंग वेबसाइटों पर भेज रहे थे। इन वेबसाइटों पर गूगल प्ले स्टोर के बाहर से APK फाइल डाउनलोड करने का प्रॉम्प्ट दिया जाता था।

इंस्टॉल होने के बाद, ऐप ऐसी परमिशन मांगता है जिससे वह और ऐप्स इंस्टॉल कर सके। इससे धोखाधड़ी करने वालों को डिवाइस का कंट्रोल मिल जाता है और वे वित्तीय धोखाधड़ी कर सकते हैं।

कुछ ऐप्स VPN भी इंस्टॉल करते हैं, जिसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों से जुड़े इंटरनेट ट्रैफ़िक को रूट करने के लिए किया जा सकता है।

भरोसेमंद स्टोर से ही ऐप्स इंस्टॉल करें

ऐप यूजर्स को डिवाइस सेटिंग्स के जरिए इसे अनइंस्टॉल करने से भी रोक सकता है। एडवाइजरी में यूजर्स से कहा गया है कि वे केवल प्ले स्टोर या भरोसेमंद स्टोर से ही ऐप्स इंस्टॉल करें।