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'त्योहारों पर न करें प्रदर्शन, परिवार संग बिताएं समय', CJP समर्थकों के लिए अभिजीत दीपके ने जारी किया वीडियो

Published: Tue, 20 Oct 2026 11:31 PM (IST)Updated: Wed, 21 Oct 2026 02:18 AM (IST)

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा पर अपने समर्थकों को संदेश दिया जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों पर कुछ दिन के लिए रोकथाम की बात कही है।

CJP समर्थकों के लिए अभिजीत दीपके ने जारी किया वीडियो

CJP समर्थकों के लिए अभिजीत दीपके ने जारी किया वीडियो

HighLights

  1. अभिजीत दीपके ने कहा कि त्योहारों के दौरान परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताएं कॉकरोच

  2. दीपके ने आशुतोष और सौरव दास को आंदोलन के असली नेता बताया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल के दिनों में सीजेपी ने दिल्ली में जमकर हंगामा काटा। कनॉट प्लेस से लेकर जंतर मंतर तक जमकर पुलिस और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान देखने को मिली। वहीं, अब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा पर अपने समर्थकों को संदेश दिया जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों पर कुछ दिन के लिए रोकथाम की बात कही है।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताएं। साथ ही जेल में बंद सीजेपी प्रवक्ताओं आशुतोष और सौरव दास के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

16 मिनट के संदेश में दीपके ने कहा कि मेरे सभी कॉकरोचों से मेरी गुजारिश है कि कुछ दिन परिवार के साथ बिताओ। त्योहार नजदीक हैं। परिवार और प्रियजनों के साथ रहो। हम नफरत के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि वही नफरत हमारे अंदर न घुस जाए। हमारी सबसे बड़ी ताकत करुणा, एक-दूसरे के प्रति प्यार और दयालुता है।

दीपके ने आशुतोष और दास को आंदोलन के असली नेता बताया। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग सोच सकते हैं कि मैं लीडर हूं, लेकिन मैं लीडर नहीं था। सौरव और आशु (आशुतोष) ही असली नेता हैं। उन्होंने मुझे बताया कि कहां जाना है, और मैं चुपचाप करता रहा। उनकी क्षमताएं और फैसले लेने की कुशलता मुझसे बेहतर है। वे मेरे भाई हैं।

उन्होंने आलोचकों पर भी निशाना साधा जो सीजेपी के प्रदर्शन की तुलना फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश के हिंसक प्रदर्शनों से कर रहे हैं। दीपके ने कहा कि फ्रांस में हो रही घटनाओं की तुलना करने वालों को थोड़ी शर्म आनी चाहिए। यहां सौरव दास और आशुतोष मुस्कुराते हुए जेल गए।

उन्होंने फ्रांस जैसी हिंसा नहीं की। वे जानते थे कि गलत तरीके से जेल भेजा जा रहा है, फिर भी उन्होंने शांति चुनी। हमारे लोग महात्मा गांधी के आदर्शों पर चल रहे हैं।

बता दें कि सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं। 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर बड़े प्रदर्शन को भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग के कारण रोका गया। हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।