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बौखलाहट नहीं काबू कर पा रहे एलन मस्क, फिर उगला जहर; इस बार शेयर किए स्क्रीनशॉट

Published: Sun, 11 Oct 2026 02:10 AM (IST)

उपग्रह संचार कंपनी स्टारलिंक को भारत में कारोबार की अनुमति नहीं मिलने से अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क अपनी बौखलाहट पर ...और पढ़ें

बौखलाहट नहीं काबू कर पा रहे एलन मस्क, फिर उगला जहर

बौखलाहट नहीं काबू कर पा रहे एलन मस्क, फिर उगला जहर

HighLights

  1. एक्स पर दो स्क्रीनशाट साझा कर भाजपा- रिलायंस का संपर्क साबित करने की कोशिश

  2. 'क्विक सप्लाई' की ओर से भाजपा को 385 करोड़ रुपये चंदा मिलने का मुद्दा भी उठाया

पीटीआई, नई दिल्ली। उपग्रह संचार कंपनी स्टारलिंक को भारत में कारोबार की अनुमति नहीं मिलने से अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क अपनी बौखलाहट पर काबू नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को लगातार तीसरे दिन उन्होंने इस मुद्दे पर जहर उगला।

इस बार उन्होंने भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी पर निशाना साधने के लिए एक्स पर मीडिया रिपोर्ट के दो स्क्रीनशॉट साझा किए। इनमें रिलायंस और भाजपा के संपर्कों के बारे में लिखा गया है।

इन खबरों में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज से फंड पाने वाली एक कंपनी ने इंटरनेट मीडिया पर भाजपा के अभियान को बढ़ावा देने में मदद की। इसके अलावा रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक चंदा दिया।

इससे दो दिन पहले मस्क ने कहा था कि हमने पांच वर्षों में भारत सरकार के हर कानून का पालन किया है। फिर भी अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी भारत के असली बास हैं?

शुक्रवार को तो उन्होंने मुकेश अंबानी को भारत का प्रधानमंत्री बता दिया था। एक्स पर मस्क द्वारा साझा की गई ताजा पोस्ट में 2022 की अल जजीरा की एक खबर शामिल है। इसका शीर्षक था-कैसे रिलायंस से फंड पाने वाली एक कंपनी फेसबुक पर भाजपा के अभियान को बढ़ावा देती है।

इसके साथ एक अंग्रेजी अखबार की 'क्विक सप्लाई' पर एक पुरानी खबर साझा की गई। इसमें बताया गया था कि रिलायंस से जुड़ी इस कंपनी ने चुनावी बांड के माध्यम से भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

रिलायंस ने मस्क के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। वहीं, सरकार ने कहा है कि दूरसंचार और उपग्रह सेवाओं के लिए मंजूरी देने की व्यवस्था निष्पक्ष और भेदभावरहित है। इसे चुनिंदा ढंग से लागू किए जाने का कोई भी दावा निराधार और गलतफहमी पर आधारित है।

बताते चलें, इस सप्ताह इंडिया मोबाइल कांग्रेस की पृष्ठभूमि में मस्क का अनर्गल प्रलाप जारी रहा। दूसरी तरफ, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने उपग्रह संचार सेवाओं को लेकर चल रही बहस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं को महत्व देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।