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नौसेना में शामिल हुआ पहला स्वदेशी बहुउद्देशीय युद्धपोत 'समर्थक', चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:00 AM (IST)

भारतीय नौसेना ने कारवार स्थित नौसैनिक अड्डे पर बहुउद्देश्यीय स्वदेशी युद्धपोत आइएनएस 'समर्थक' को अपने बेड़े में शामिल कर लिया।

भारतीय नौसेना को मिला 'समर्थक' का साथ (फोटो- पीटीआई)

भारतीय नौसेना को मिला 'समर्थक' का साथ (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. बहुउद्देश्यीय स्वदेशी युद्धपोत उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में हुआ नौसेना में शामिल

  2. लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित पोत भारत की समुद्री शक्ति को मजबूत करेगा

एएनआई, कारवार। भारतीय नौसेना ने कारवार स्थित नौसैनिक अड्डे पर बहुउद्देश्यीय स्वदेशी युद्धपोत आइएनएस 'समर्थक' को अपने बेड़े में शामिल कर लिया। भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के तहत लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित 'समर्थक' भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे दो बहुउद्देश्यीय पोतों में पहला है।

स्वदेशी युद्धपोत समर्थक को भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में नौसेना में शामिल किया गया।

भारतीय नौसेना ने एक्स पर लिखा,'भारत की समुद्री शक्ति को मजबूत करते हुए! भारतीय नौसेना में शामिल किया गया बहुउद्देश्यीय पोत समर्थक भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में कर्नाटक स्थित कारवार में सुबह 11:10 बजे (भारतीय समय) नौसेना में शामिल किया गया।

इस युद्धपोत को नौसेना में शामिल किया जाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों का एक और अहम पड़ाव होगा।

यह नौसेना की भविष्य की जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा और रणनीतिक रूप से अहम अभियानों के लिए एक आदर्श 'उपयोगिता' पोत साबित होगा। समर्थक पोत का ध्येय वाक्य-'विजय ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।'

बहुउद्देश्यीय युद्धपोत

मुख्य रूप से समुद्री निगरानी और गश्त के लिए बनाया गया आइएनएस समर्थक कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (एलआइएमओ), लक्ष्य तैनाती और परीक्षण मंच, मानवरहित/स्वायत्त प्रणालियों के मातृपोत, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर), सीमित क्षमता वाले अस्पताल पोत में बदलाव और समुद्री अभियानों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसकी एकीकृत युद्ध प्रणाली में स्वदेशी सेंसर, हथियार व इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां शामिल हैं। एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि समर्थक किसी निजी पोत निर्माण यार्ड में बना पहला बड़ा युद्धपोत है।

युद्ध बदल रहीं प्रणालियां : राधाकृष्णन

प्रेट्र के अनुसार उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की बढ़ती स्वदेशी पोत निर्माण क्षमता और तकनीकी प्रगति से उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की नौसेना की क्षमता मजबूत होगी।

एआई और मानवरहित प्रणालियां नौसैनिक युद्ध को बदल रही हैं। तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित अपने पोत निर्माण यार्ड में लार्सन एंड टुब्रो के निर्मित समर्थक में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

गहरे प्राकृतिक बंदरगाह और अरब सागर के निकट रणनीतिक स्थिति के कारण कारवार भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में विशेष स्थान रखता है।