हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: राहुल के खिलाफ FIR के बाद कांग्रेस-बीजेपी में घमासान तेज
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में FIR के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

राहुल के खिलाफ FIR के बाद कांग्रेस-बीजेपी में घमासान।
HighLights
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में FIR दर्ज।
कांग्रेस ने FIR को जातिवादी बताया, बीजेपी ने साधा निशाना।
सचिन पायलट ने पूछा, क्या न्याय मांगना अपराध है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के एक दिन बाद कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR की कड़ी आलोचना की।
राहुल ने हल्द्वानी रैली स्थल के शुद्धिकरण पर कार्रवाई की मांग की थी और इसे अपने प्रतिद्वंद्वी के घोर जातिवादी व्यवहार का सबूत बताया था। वहीं, BJP का कहना है कि राहुल यह मुद्दा इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की धमकी दी है।
दोनों पार्टियों के बीच यह तकरार उत्तराखंड पुलिस द्वारा राहुल के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के एक दिन बाद हुई। शिकायतकर्ता, जो एक दलित हैं, उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल ने रामलीला मैदान (रैली स्थल) में सफाई कार्य और धार्मिक अनुष्ठान को जाति का रंग दिया था।
मैं नरेंद्र मोदी से नहीं डरता- राहुल गांधी
कांग्रेस ने 'केस मेरे मेडल हैं' शीर्षक से एक वीडियो जारी किया, जिसमें राहुल की टिप्पणी थी, 'मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं। मैं नरेंद्र मोदी से नहीं डरता। लेकिन सच तो यह है कि अगर कोई डरा हुआ है, तो वह मोदी हैं।'
क्या न्याय मांगना अपराध है- सचिन पायलट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने सवाल किया कि क्या न्याय मांगना अपराध है। उन्होंने कहा कि FIR के बोझ तले न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। BJP का दलित-विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।
उन्होंने कांग्रेस के उस दावे का जिक्र किया कि मंच का शुद्धिकरण इसलिए किया गया क्योंकि खरगे, जो एक दलित हैं, उन्होंने वहां से एक बैठक को संबोधित किया था।
