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महाराष्ट्र में 1.2 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट मामले में IIT ग्रेजुएट और बैंकर गिरफ्तार

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:28 PM (IST)

मुंबई साइबर पुलिस ने 1.12 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट स्कैम मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ...और पढ़ें

मुंबई में 1.12 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का खुलासा (फाइल फोटो)

मुंबई में 1.12 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का खुलासा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुंबई में 1.12 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का खुलासा।

  2. आईआईटी ग्रेजुएट और बैंक मैनेजर समेत छह आरोपी गिरफ्तार किए गए।

  3. रिटायर्ड प्रोफेशनल को दो हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगा गया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुंबई में साइबर पुलिस ने 1.12 करोड़ रुपए के डिजिटल अरेस्ट स्कैम मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक IIT ग्रेजुएट और एक प्राइवेट बैंक का मैनेजर भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक ये सभा छह आरोपी पैसों के लेन-देन से जुड़े थे। इसमें गैर कानूनी पैसे लेना, म्यूल एकाउंट को मैनेज करना, एक्टिव सिम कार्ड सप्लाई करना और पैसे निकालना शामिल था।

कैसे रचा ठगी का प्लान?

जुलाई-अगस्त के दौरान दहिसर के रहने वाले 68 साल के रिटायर्ड प्रोफेशनल को दो हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगा गया था। बुजुर्ग ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने उसे फोन किया था, फोन करने वाले ने खुद को टेलीकॉम अथॉरिटी का प्रतिनिधि बताया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि बुजुर्ग के आधार कार्ड का इस्तेमाल हुआ है और कॉल को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर किया जाएगा।

इसके बाद, विजय खन्ना नाम के एक नकली पुलिस वाले ने बुजुर्ग को यकीन दिलाया कि सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल के लिए दिल्ली में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसने ये भी कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक रेड के दौरान शिकायतकर्ता के आधार और पैन कार्ड की कॉपी मिली। बुजुर्ग को सबसे सामने बेइज्जत करने की धमकी दी गई।

दो हफ्ते तक चला धोखाधड़ी का खेल

आरोपियों ने बुजुर्ग को इसके बाद पुलिस के लोगो वाली वॉट्सएप आई डी से वीडियो कॉल किया और उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछा और FD तुड़वाने को कहा। आरोपियों ने बुजुर्ग को डराते हुए चेतावनी दी थी कि अगर इस बारे में उन्होंने किसी को बताया तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वॉट्सएप पर बुजुर्ग को नकली डॉक्यूमेंट भेजे गए, जिनके लेटरहेड पर 'Govt Affairs, Supreme Court of India' लिखा था। बुजुर्ग से हर दो घंटे में अपनी लोकेशन बताने को कहा गया और जबरदस्ती पैसे ट्रांसफर करवाए गए। दो हफ्ते बाद, जब उनकी बेटी को धोखाधड़ी का पता चला, तो खन्ना ने उसे पुलिस के पास जाने की चुनौती दी।

परिवार ने जानकारी के बाद साइबर क्राइम में की शिकायत

इस स्कैम के बारे में जब परिवार को पता चला तो परिवार ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत की। जिसके बाद नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। DCP बजरंग बनसोडे की देखरेख में बनी एक टीम ने पैसों के लेन-देन की जांच की। इस टीम में सीनियर इंस्पेक्टर प्रमोद कांबले और इंस्पेक्टर सुनील लोखंडे शामिल थे।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुजुर्ग के पैसों का एक बड़ा हिस्सा सोने का व्यापार करने वाली एक फर्म के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया, 'फर्म के दो डायरेक्टर के मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से जुड़े हुए थे। दोनों नंबरों के सिम कार्ड तारिक मोमिन नाम के एक व्यक्ति के पास थे, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।'

मामले से जुड़े 6 आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस को शक है कि मोमिन म्यूल अकाउंट खुलवाने में शामिल था। गोल्ड ट्रेडिंग फर्म के डायरेक्टर राकेश जैन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में तारिक मोमिन, राकेश जैन, त्यागी, गोहेल और देसाई को एक और साथी अजय शर्मा के साथ गिरफ्तार किया है।

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