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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग तेज, लोकसभा अध्यक्ष बोले- नियमों के अनुसार ही परखा जाएगा महाभियोग

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:21 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 23 Oct 2026 02:02 AM (GMT+05:30)

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि यदि विपक्ष देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ...और पढ़ें

लोकसभा अध्यक्ष बोले– चुनाव आयुक्त के खिलाफ नियमों के अनुसार ही परखा जाएगा महाभियोग

लोकसभा अध्यक्ष बोले– चुनाव आयुक्त के खिलाफ नियमों के अनुसार ही परखा जाएगा महाभियोग

HighLights

  1. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं

  2. मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने पर अड़ा विपक्ष, स्पीकर बोले– नियमों से चलेगी संसद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि यदि विपक्ष देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई नया महाभियोग प्रस्ताव लाता है, तो नियमों और प्रक्रियाओं के तहत उसकी जांच की जाएगी।

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग प्रमुख को हटाने की मांग तेज होने के बीच अध्यक्ष का यह बयान सामने आया है।

इससे पहले भी विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के दो प्रयास किए थे, जिनमें से पहले प्रयास के नोटिस लोकसभा और राज्यसभा दोनों में खारिज कर दिए गए थे, जबकि दूसरे प्रयास के नोटिस अभी भी उच्च सदन में लंबित हैं।

पत्रकारों ने जब उनसे सीईसी के खिलाफ एक और महाभियोग प्रस्ताव की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नया नोटिस आने पर संसदीय नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होगी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं और विपक्षी दल मतदाता सूची पुनरीक्षण में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

यह आंदोलन तब और मुखर हो गया जब एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

इन चुनाव आयुक्तों का आरोप था कि ये आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे। इस पूरे विवाद ने चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रबंधन को एक बार फिर गंभीर जांच के दायरे में ला दिया है।