हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, चार टेलीस्कोप सेंटर की स्थापना... लड़कियों की शिक्षा के लिए बजट में क्या हुए एलान?
केंद्र सरकार ने शिक्षा बजट में 8% से अधिक की वृद्धि कर इसे 1.39 लाख करोड़ किया है। बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में बालि ...और पढ़ें

वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा के जीईआर को 50 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य
अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। बेटियों की उच्च शिक्षा पर फोकस करते हुए केंद्र सरकार ने बजट में शिक्षा को न सिर्फ अपनी प्राथमिकता वाले प्रमुख सेक्टर में रखा है बल्कि उसे पिछले साल के मुकाबले आठ प्रतिशत से अधिक की धनराशि भी मुहैया कराई है।
पिछले साल बजट में शिक्षा पर जहां 1.28 लाख करोड़ खर्च किया गया था, वहीं इस बार उसे बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ कर दिया है। वहीं बेटियों की उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाते हुए राज्यों की मदद से देश के प्रत्येक जिलों में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की है।
उच्च शिक्षा में मिलेगा प्रोत्साहन
बजट में बालिका छात्रावास बनाने की यह घोषणा बेटियों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग व गणित जैसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए की गई है। मौजूदा समय में दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाली बेटियां सिर्फ इसलिए इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए आगे नहीं आ पाती है क्योंकि उनके आसपास इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए कोई संस्थान नहीं है।
ऐसे में उन्हें उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों या जिलों में जाना होता है लेकिन वहां रहने-खाने की सुविधा न होने से वह विज्ञान, गणित व इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। देश में मौजूदा समय में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात करीब 29 प्रतिशत है।
इनमें बालिकाओं की हिस्सेदारी 28.5 है जबकि पुरुषों की 28.3 प्रतिशत है। ऐसे में वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा के जीईआर को 50 प्रतिशत पहुंचाने का जो लक्ष्य रखा है, उनमें उच्च शिक्षा से वंचित बालिकाओं को जोड़े बगैर उस लक्ष्य तक पहुंचाना मुश्किल है।
बजट में अटल टिंकरिंग लैब के लिए 32 सौ करोड़ का आवंटन
स्कूलों में बच्चों को इनोवेशन, रोबोटिक्स आदि से जोड़ने की पहल को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बजट में इस बार अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना के लिए 32 सौ करोड़ का बड़ा आवंटन किया है। पिछले साल बजट में इसके लिए सिर्फ 429 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, लेकिन बाद में इसके बजट को बढ़ाकर 879 करोड़ कर दिया गया था।
इस आवंटन को लेकर सरकार की पिछले साल में बजट में की गई उस घोषणा से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें अगले पांच सालों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किया जाना है।
खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने स्थापित होंगे चार टेलीस्कोप सेंटर
बजट में खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी के प्रति लोगों के रुझान बढ़ाने के लिए चार टेलीस्कोप सेंटर स्थापित करने या पहले संचालित केंद्रों को अपग्रेड करने का एलान किया गया है। इनमें नेशनल लार्ज सोलर, नेशनल लार्ज आप्टीकल-इंफ्रारेड, हिमालयन चंद्र टेलीस्कोप व द कोसमोस-2 प्लेनेटोरियम की स्थापना की जाएगी।
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