'अमेरिका के हमलों में चाबहार पोर्ट का भारतीय टर्मिनल सुरक्षित', विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
भारत ने स्पष्ट किया है कि ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह पर हुए अमेरिकी हमलों में भारतीय-संचालित शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ...और पढ़ें
-1784309153239_m.webp)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल(फाइल फोटो)
HighLights
अमेरिकी हमलों में चाबहार पोर्ट का भारतीय टर्मिनल सुरक्षित रहा।
भारत ने शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान न होने की पुष्टि की।
प्रतिबंधों की छूट पर भारत संबंधित पक्षों से बातचीत जारी रखेगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर हुए अमेरिकी हमलों में शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस टर्मिनल का संचालन भारत कर रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान के तहत इस सप्ताह चाबहार पोर्ट पर हमले किए थे।
प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद बातचीत जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका की ओर से चाबहार को लेकर प्रतिबंधों से एक छूट दी गई थी, जो कुछ समय पहले समाप्त हो गई है। इसके बाद से, हम इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
बंदरगाह पर हुए हमलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जहां तक हमले की बात है, हां, हमने इस संबंध में कुछ रिपोर्टें देखी हैं। लेकिन हम आपको यह भी बता सकते हैं कि टर्मिनल को खुद कोई नुकसान नहीं हुआ है।
नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने की अपील
रणधीर जायसवाल ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और संघर्ष पर भारत के रुख को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
खबरें और भी
आपको बता दें कि चाबहार बंदरगाह में दो टर्मिनल शाहिद बेहेश्ती और शाहिद कलंतारी हैं। इनमें से शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन भारत द्वारा किया जा रहा है।
भारत के लिए क्यों बेहद अहम है चाबहार?
चाबहार बंदरगाह को भारत और ईरान मिलकर विकसित कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी (संपर्क) को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा, दोनों देश चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का एक अभिन्न हिस्सा बनाने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं।
भारत के लिए इसका रणनीतिक महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान को बायपास करने का रास्ता है, चाबहार के जरिए भारत को सीधे अफगानिस्तान तक पहुंच मिलती है। इसके लिए भारत को पाकिस्तान के रास्ते की जरूरत नहीं पड़ती, जो भारत को भूमि पारगमन मार्गों की अनुमति नहीं देता है।
यह परियोजना भारत के व्यापारिक मार्गों को बेहतर बनाती है और पारंपरिक समुद्री चोकपॉइंट्स पर भारत की निर्भरता को कम करती है।
क्या है INSTC परियोजना?
अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा एक 7,200 किलोमीटर लंबी मल्टी-मोड परिवहन परियोजना है। इसका उद्देश्य भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप के बीच माल ढुलाई को आसान और तेज बनाना है।
पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 14 भारतीयों की मौत
आईएएनएस के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में युद्ध के दौरान अब तक 14 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अभी भी लापता हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं और उनकी सुरक्षिा सुनिश्चित करना व संभावित खतरों के बारे में उन्हें सतर्क करना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पाकिस्तान की कड़ी आलोचना
आईएएनएस के मुताबिक, भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। भारत ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है और इसे अपनी सरकारी नीति के तौर पर इस्तेमाल करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच जारी है।
इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।