बुलेट ट्रेन का किराया कितना होगा? 320 KM की स्पीड से बचेंगे 5 घंटे; पूरी डिटेल
देश की पहली बुलेट ट्रेन अगले वर्ष 15 अगस्त से यात्रियों के लिए शुरू होने की तैयारी में है, जिसका किराया हवाई जहाज से कम और रेल के प्रथम श्रेणी वातानुक ...और पढ़ें
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अगले वर्ष 15 अगस्त से शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अरविंद शर्मा, जागरण। देश की पहली बुलेट ट्रेन अगले वर्ष 15 अगस्त से यात्रियों के लिए शुरू करने की तैयारी है। 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन केवल अमीरों तक सीमित नहीं रहेगी। सामान्य मध्य वर्ग भी इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकेगा।
रेलवे मंत्रालय के संकेतों के अनुसार इसका किराया हवाई जहाज की तुलना में कम और रेल के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित किराये के आसपास रखने का विचार है।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी दो घंटे से भी कम समय में पूरी कर सकने वाली इस ट्रेन के फेरे मेट्रो की तरह होंगे। यानी यात्रियों की संख्या के अनुसार व्यस्त समय में फेरों की संख्या बढ़ाई-घटाई जा सकेगी। परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
रूट पर होंगे 12 स्टेशन
पहले चरण में गुजरात के सूरत से विलमोरा तक करीब 50 किलोमीटर के हिस्से में ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरा 508 किलोमीटर लंबा कारिडोर खोला जाएगा।
इस मार्ग पर 12 स्टेशन होंगे। इससे इसका इस्तेमाल केवल मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा करने वाले यात्री ही नहीं, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले शहरों के लोग भी कर सकेंगे।
सबसे अधिक उत्सुकता इसके किराये को लेकर है। प्रारंभ में मुंबई-अहमदाबाद के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित किराये से कुछ अधिक किराया रखने की बात कही गई थी। इसी आधार पर करीब तीन हजार रुपये तक का अनुमान लगाया जाता रहा है। हालांकि, यह अंतिम किराया नहीं है।
कितना होगा किराया?
अभी मुंबई-अहमदाबाद के बीच मेल या एक्सप्रेस ट्रेन के प्रथम श्रेणी एसी किराये में करीब 1950 रुपये खर्च होते हैं। वंदे भारत के एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2405 रुपये है।
इन ट्रेनों से यात्रा में छह से सात घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन का किराया इससे कुछ अधिक हो सकता है, लेकिन यात्रा का समय घटकर करीब दो घंटे रह जाएगा। यानी यात्रियों के करीब चार से पांच घंटे बचेंगे।
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विमान से तुलना करने पर बुलेट ट्रेन का लाभ और स्पष्ट होता है। मुंबई-अहमदाबाद के बीच उड़ान का समय करीब डेढ़ घंटे है, लेकिन हवाई अड्डे तक पहुंचने, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग जैसी प्रक्रियाओं में अतिरिक्त समय लगता है। बुलेट ट्रेन के स्टेशन शहरों के भीतर या उनके नजदीक बनाए जा रहे हैं। इससे स्टेशन तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा।
कब शुरू होगी बुलेट ट्रेन?
यात्रियों की सुविधा केवल रफ्तार और किराये तक सीमित नहीं होगी। सेवा को नियमित रखने की तैयारी है। मेट्रो की तरह यात्रियों की संख्या के अनुसार फेरे बढ़ाए या घटाए जा सकेंगे। इससे यात्रियों को किसी एक ट्रेन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कामकाजी लोग अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकेंगे।
निर्धारित गति के अनुसार बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद के बीच एक घंटा 58 मिनट में सफर पूरा कर सकेगी। यही वजह है कि इसे केवल तेज ट्रेन के बजाय शहरों के बीच रोजाना आने-जाने का नया विकल्प बनाने की कोशिश है। पहला चरण अगस्त 2027 में शुरू होने के बाद कारिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाना है।