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होर्मुज पर ईरान का 7 दिन वाला ऑफर, शर्तें माने अमेरिका तो खोल देंगे जलडमरूमध्य; ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव

Published: Sun, 27 Sep 2026 11:04 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 02:14 AM (IST)

ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव दिया है, ...और पढ़ें

होर्मुज पर ईरान का 7 दिन वाला ऑफर। (रॉयटर्स)

होर्मुज पर ईरान का 7 दिन वाला ऑफर। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. ईरान ने होर्मुज खोलने और परमाणु वार्ता का 7 दिन का प्रस्ताव दिया।

  2. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से ठुकराया।

  3. ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन पकड़ने का दावा किया।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज को लेकर कूटनीतिक हलचल जारी है। ईरान ने फिर दोहराया है कि अमेरिका उसकी कुछ शर्तें मानता है तो सात दिन के भीतर जलडमरूमध्य को फिर खोलने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस प्रस्ताव को खारिज करने की बात कही है, जबकि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रहने के संकेत भी मिले हैं। उधर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने रविवार को अमेरिकी सेना के रेमस-600 पनडुब्बी ड्रोन को पकड़ने का दावा किया है।

आईआरजीसी के अनुसार, ड्रोन को होर्मुज जलडमरूमध्य में खुफिया गतिविधियों के लिए भेजा गया था। ईरानी सेना ने कहा कि खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के जरिए चलाए गए अभियान में ड्रोन को कब्जे में लिया गया। अब इसके रिकॉर्ड डाटा की जांच की जा रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के दावे को खारिज किया है।

सेंटकाम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका का अपने सभी ऑपरेशनल ड्रोन एसेट्स पर पूरा नियंत्रण है।

नाकेबंदी, तेल प्रतिबंध और संपत्ति जारी करने की शर्त

एएनआई के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटानी होगी, ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में राहत देनी होगी और करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियां जारी करनी होंगी।

इसके साथ पूरे क्षेत्र, जिसमें लेबनान भी शामिल है, में युद्धविराम की शर्त रखी गई है। अराघची के अनुसार शुरुआती कदमों में चार से पांच दिन लगेंगे, छठे दिन होर्मुज खोलने और सातवें दिन अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने की योजना है।

गतिरोध खत्म करने का रास्ता कूटनीति ही है- अराघची

अराघची ने भी कहा है कि गतिरोध खत्म करने का रास्ता कूटनीति ही है। उनका कहना है कि ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं और बातचीत के जरिये ही समाधान निकाला जा सकता है।

ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और होर्मुज को तुरंत खोलने की मांग की। हालांकि, ईरान को अमेरिकी जवाब औपचारिक रूप से मिलने का इंतजार है।पेजेश्कियान बोले- दबाव या धमकी स्वीकार नहीं

रायटर्स के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी और दबाव स्वीकार नहीं करेगा।

सीबीएस न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन दबाव, धमकी और हमलों के खिलाफ अपना बचाव करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका प्रस्ताव स्वीकार करता है तो ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।इस बीच ईरानी सैन्य अधिकारियों ने होर्मुज में किसी अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही उसकी मंजूरी के बिना सुरक्षित नहीं होगी।