23 की उम्र में IPS, 9 साल में सुपर कॉप से तमिलनाडु में भाजपा का चेहरा बनने तक... अन्नामलाई की कहानी
पूर्व IPS और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना पांच ...और पढ़ें

अन्नामलाई ने बीजेपी से दिया इस्तीफा। (सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व IPS अधिकारी और तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से अपनी राहें अलग कर ली हैं। अन्नामलाई ने आज दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना पांच पन्नों का इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि इसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में काफी पहले से चल रही थी।
तार्किक और बिना लाग-लपेट अपनी बात रखने वाले के. अन्नामनाई द्रविड़ राजनाति के गढ़ में हिंदुत्व और भाजपा की सशक्त आवाज के तौर पर उभरे। हालिया विधानसभा चुनावों में उन्हों AIADMK के दवाब पर भाजपा ने राजनितिक दंगल से उन्हें दूर रखा। हालांकि, इससे पहले ही भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अन्नामलाई के भरोसे पर ही एआईएडीएमके से नाता तोड़ा था।
अन्नामलाई, अब भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी का एलान कर सकते हैं।
कौंन हैं के. अन्नामलाई?
के. अन्नामलाई का जन्म 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में मैनेजमेंट की शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और 2011 बैच के महज 23 साल की उम्न में IPS अधिकारी बने।

अन्नामलाई ने मुख्य रूप से कर्नाटक कैडर में सेवा दी। पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी छवि एक सख्त, ईमानदार और जमीनी अफसर की रही। उन्होंने उड्डुपी और चिकमंगलूर जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम किया। पुलिस सेवा के दौरान ही उन्हें सार्वजनिक मंचों पर व्यापक पहचान मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने 2019 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया।
सुपर कॉप से राजनेता तक का सफर
पुलिस सेवा से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने सामाजिक सेवा और जनसेवा से जुड़े कामों में हिस्सा लिया। अगस्त 2020 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली।

साल 2021 में अन्नामलाई को तमिलनाडु बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया। तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई भाजपा का सबसे मजबूत चेहरे के रूप में उभरे। राज्य में पार्टी का संगठन तो मौजूद था, लेकिन ऐसा नेता नहीं था जो पार्टी को लाइमलाइट में रख सके। अन्नामलाई के बतौर पार्टी अध्यक्ष भाजपा के लिए बखूबी काम किया।
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अन्नामलाई की पहचान भाजपा नेता से ज्यादा डीएमके सरकार के मुखर विरोधी के रूप में होने लगी। उन्होंने भ्रष्टाचार, प्रशासनिक फैसले और कानून व्यवस्था और डीएमके के सनातन विरोधी चेहरे को लेकर भी तीखे हमले किए। हालांकि विधानसभा चुनावों में AIADMK से गठबंधन के कारण उन्हें पार्टी ने सक्रिय भूमिका में नहीं रखा और चुनाव से दूर रखा। उसके बाद से ही वे नाराज बताए जा रहे थे।
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