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सौरव दास की आइडेंटिटी और बैकग्राउंड की होगी जांच, याचिका पर मद्रास HC ने जारी किया नोटिस

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:55 PM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 12:58 PM (IST)

मद्रास हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास के खिलाफ एक याचिका पर नोटिस जारी किया है।

सौरव दास की पहचान के लिए मद्रास हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस। (फाइल फोटो।)

सौरव दास की पहचान के लिए मद्रास हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस। (फाइल फोटो।)

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार (30 अक्टूबर) को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता और पत्रकार सौरव दास के बैकग्राउंड की जांच की मांग की गई है।

याचिका में उनके सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने की भी मांग की गई है, क्योंकि उन पर न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

किसे-किसे जारी किया गया नोटिस

चीफ जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। इनमें क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (चेन्नई), अध्यक्ष (यूआईडीएआई), केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश सचिव (विदेश मंत्रालय), सचिव (विधि एवं न्याय मंत्रालय), सचिव (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) तथा एक्स और इंस्टाग्राम के शिकायत अधिकारी शामिल हैं।

6 सप्ताह के भीतर देना होगा नोटिस का जवाब

अदालत ने जो नोटिस जारी किया, जिसका जवाब 6 सप्ताह के भीतर देना होगा और सुनवाई को स्थगित कर दिया। कांचीपुरम जिले के गणेश कुमार द्वारा दायर याचिका में सरकार से मांग की गई है कि वह इन व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की विस्तृत, गहन और निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही सौरव दास के पासपोर्ट और आधार कार्ड को रद करके उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

याचिका में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वे सौरव के इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल को ब्लॉक करें और उन्हें न्यायपालिका तथा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से रोकें।

शुक्रवार को जब यह मामला सामने आया तो याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील बी. जगन्नाथ ने दलील दी कि उन्होंने सौरव के पिछले रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सौरव न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक बयान दे रहे थे।

जगन्नाथ ने कहा, "जिस तरह से वह न्यायपालिका के बारे में बात करते हैं, वह बात करने का सही तरीका नहीं है। मैंने अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए मैं यह याचिका दायर कर रहा हूं।" अदालत ने अब नोटिस जारी कर दिया है।

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