शादी, संदिग्ध मौत और कोर्टरूम ड्रामा... त्विषा शर्मा मौत मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? पूरी टाइमलाइन
नोएडा की मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की भोपाल में संदिग्ध मौत का मामला अब एक बड़ी कानूनी जांच बन गया है। परिवार ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर ...और पढ़ें
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दहेज प्रताड़ना से लेकर पति की गिरफ्तारी तक जानिए पूरे केस की टाइमलाइन (फाइल फोटो)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोएडा की मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत का मामला अब एक बड़े कानूनी और पुलिस जांच के रूप में सामने आया है। मई 2026 में भोपाल स्थित ससुराल में उनकी संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
त्विषा शर्मा की सगाई 12 मई 2025 को नोएडा में समर्थ सिंह के साथ हुई थी। दिसंबर 2025 में दोनों की शादी हुई। समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं। शादी के बाद त्विषा भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रहने लगी थीं। 12 मई 2026 को त्विषा शर्मा अपने ससुराल में मृत पाई गईं। इसके बाद उनके परिवार ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने के आरोप लगाए।
FIR और SIT जांच की शुरुआत
15 मई को पुलिस ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की। उसी दिन अदालत ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि समर्थ सिंह फरार बताए गए।
16 मई को पुलिस ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। अगले दिन 17 मई को त्विषा के परिवार ने मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की और उन्हें मुलाकात नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर संक्षिप्त धरना दिया।
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18 मई को भोपाल की एक सत्र अदालत ने फरार समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भोपाल डीसीपी जोन-2 ने उनकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
CBI जांच की मांग और बढ़ा विवाद
19 मई को त्विषा शर्मा के परिवार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपित पक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए त्विषा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
20 मई को परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें मामले में CBI जांच की मांग आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसी दिन भोपाल अदालत ने दूसरे पोस्टमार्टम की मांग खारिज कर दी। पुलिस ने समर्थ सिंह पर घोषित इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया।
21 मई को पुलिस ने गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया। इसी दिन समर्थ सिंह ने नई जमानत याचिका दाखिल की, जबकि गृह विभाग ने मामले को CBI को सौंपने को लेकर बैठक की।
कोर्ट परिसर से हिरासत में लिया गया समर्थ
22 मई को जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को जिला अदालत परिसर से हिरासत में लिया। उनके वकील के अनुसार, समर्थ सिंह अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। बाद में पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।
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