केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मिजोरम में की समीक्षा बैठक, बोले- युवाओं को मिलेगा ड्रोन और LIDAR तकनीक का प्रशिक्षण
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मिजोरम में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें दृश्यमान स्वच्छता के 18 मुद्दों पर जोर दिया गया। उ ...और पढ़ें

HighLights
खट्टर ने मिजोरम में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की समीक्षा की।
18 स्वच्छता मुद्दों पर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
स्थानीय युवाओं को ड्रोन, LIDAR तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, आइजोल/नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य (MoHUA) और बिजली मंत्री, मनोहर लाल खट्टर ने मिजोरम राज्य में 'स्वच्छ भारत मिशन-शहरी' (SBM-U) की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस समीक्षा के दौरान, मंत्री महोदय ने 'दृश्यमान स्वच्छता' (Visible Cleanliness) से संबंधित 18 प्रमुख मुद्दों पर विशेष जोर दिया। यह पहल 27 मई 2026 को आयोजित 'प्रगति' (PRAGATI) समीक्षा बैठक में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता के अनुरूप है।
बैठक में राज्य और केंद्र के वरिष्ठ मंत्री व अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मिजोरम के शहरी विकास मंत्री के. सपदांगा और बिजली मंत्री एफ. रोडिंगलियाना ने भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, बिजली मंत्रालय और राज्य सरकार के शहरी विकास तथा बिजली विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।
एक्शन प्लान और फंड जारी करने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चिन्हित किए गए स्वच्छता संबंधी इन 18 मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करें। उन्होंने अधिकारियों से एक विस्तृत कार्य योजना (Action Plan) सौंपने को कहा है, जिसकी निगरानी के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के लिए पहले ही जारी किए जा चुके 90% फंड के एवज में, राज्य अपने हिस्से का 10% फंड भी जल्द से जल्द जारी करे ताकि कार्यों में तेजी आ सके।
स्थानीय युवाओं के लिए उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण
इस बैठक में एक अहम फैसला तकनीकी कौशल विकास को लेकर भी लिया गया। केंद्रीय मंत्री ने तय किया कि शहरी कार्य मंत्रालय स्थानीय युवाओं को उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। युवाओं को लेगेसी कचरे (पुराने कचरे के ढेरों) के सटीक आकलन के लिए लिडार (LIDAR) और ड्रोन आधारित सर्वेक्षण जैसी तकनीकों का उपयोग करना सिखाया जाएगा। चूंकि वर्तमान में इन तकनीकी कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर क्षमता की कमी है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। यह भी निर्णय लिया गया कि मिजोरम की तर्ज पर पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के युवाओं को भी इसी प्रकार का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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स्वच्छता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
बैठक के समापन पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण (विजन) के अनुरूप, मिजोरम के शहरी क्षेत्रों में स्थायी और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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