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    'दिल्ली से मुकाबला नहीं....', मुंबई में बिगड़ते AQI के बाद विपक्ष के निशाने पर सरकार, हाई कोर्ट ने भी जताई नाराजगी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:56 PM (IST)

    मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने BMC और राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वे प्रदूषण को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इसे मुंबई के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी इस मामले में नाराजगी जताई है और स्वतंत्र जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।

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    मुंबई में बिगड़ती एयर क्वालिटी। (पीटीआई)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई की बिगड़ती एयर क्वालिटी को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) और राज्य सरकार पर शहर में प्रदूषण का लेवल बिगड़ने के के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाने के आरोप लगाया है।

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    कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने चेतावनी दी कि यह मुद्दा अब मुंबई के भविष्य से जुड़ा है, उन्होंने बताया कि MMR में AQI लेवल लगातार 150-200 के बीच बना हुआ है, जबकि देवनार और वडाला जैसे इलाके खतरनाक जोन में पहुंच गए हैं।

    हम AQI के लिए दिल्ली से मुकाबला नहीं कर रहे- वर्षा गायकवाड़

    उन्होंने कहा, "हम AQI के लिए दिल्ली से मुकाबला नहीं कर रहे हैं। PM 2.5 और PM 10 बहुत ज्यादा हैं। एक मुंबईकर की औसत उम्र पांच से सात साल कम हो रही है। बच्चे और बुजुर्ग खास तौर पर कमजोर हैं।" गायकवाड़ ने आगे कहा कि पार्टी इस संकट पर अपना मैनिफेस्टो जारी करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे और BMC कमिश्नर को तुरंत दखल देने के लिए लिखेगी।

    अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती राज्य सरकार- सचिन सावंत

    कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि राज्य सरकार कि अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। सावंत ने आरोप लगाया, "हाई कोर्ट का इस मामले को उठाना ही साबित करता है कि राज्य फेल हो गया है। BMC ने माना है कि उसके AQI मॉनिटरिंग सेंसर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड में आग लगती रहती है और बिल्डरों के साथ सरकार की पार्टनरशिप से समस्या और बिगड़ रही है।"

    सरकार के पास साइंटिफिक अप्रोच की कमी- अरविंद सावंत

    शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि सरकार के पास साइंटिफिक अप्रोच की कमी है। उन्होंने कहा, "जब हमने शहर के फेफड़ों, आरे के जंगलों को बचाने की बात की, तो BJP ने हमें डेवलपमेंट विरोधी कहा। उन्होंने आरे में पेड़ काटे, लेकिन क्या वे दिखा सकते हैं कि उन्होंने उन्हें कहां उगाया है? हम तो बस इकोलॉजिकल बैलेंस बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे।"

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी

    इस बीच, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शहर के पॉल्यूशन लेवल के बारे में BMC, महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (MPCB) और एमिकस क्यूरी के अलग-अलग दावों पर नाराजगी जताते हुए दखल दिया है। शुक्रवार को, कोर्ट ने मुंबई में दो कंस्ट्रक्शन वाले इलाकों का इंडिपेंडेंटली इंस्पेक्शन करने के लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाई ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या साइटें असल में BMC की पॉल्यूशन-कंट्रोल गाइडलाइंस का पालन कर रही हैं।

    हाई कोर्ट ने इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन के लिए बनाई कमेटी

    चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की डिवीजन बेंच ने कहा कि एक इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन जरूरी है। बेंच ने कहा, "BMC और MPCB का कहना है कि वे सब कुछ मॉनिटर कर रहे हैं, लेकिन आरोप हैं कि पॉल्यूशन लेवल अभी भी कम नहीं हुआ है। एक इंडिपेंडेंट टीम को दो खास इलाकों की जांच करने दें और 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट जमा करने दें।"

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