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    नासिक TCS मामला: मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 05:12 PM (IST)

    नासिक टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) धर्मांतरण मामले में HR मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। ...और पढ़ें

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    निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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    राज्य ब्यूरो, मुंबई। नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बीपीओ इकाई में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपित निदा खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है।

    नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने उसे गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया है।

    निदा खान को अदालत से नहीं मिली राहत

    सोमवार को सुनवाई के दौरान निदा के वकील ने तर्क दिया था कि वह आठ सप्ताह की गर्भवती है और उस पर लगाए गए आरोपों में अधिकतम सजा तीन साल है, इसलिए उसे गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जानी चाहिए।

    अदालत ने अपराध की गंभीरता और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल उसे कोई भी राहत देने से मना कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

    टीसीएस धर्मांतरण मामला

    बता दें कि यह विवाद नासिक स्थित टीसीएस के बीपीओ सेंटर से शुरू हुआ था। एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया।

    पीड़िता के अनुसार, उसे हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए मजबूर किया गया और शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न भी किया गया।

    पुलिस जांच के अनुसार, निदा खान इस पूरे प्रकरण की ‘मास्टरमाइंड’ मानी जा रही हैं। आरोप है कि उसने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर युवतियों को निशाना बनाने और उन्हें धार्मिक रूप से प्रभावित करने का गिरोह चलाया।

    इस मामले में अब तक कई लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से सात पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। निदा खान इकलौती आरोपित है जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

    पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) उसकी तलाश में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर रहा है। टीसीएस ने आरोपों के बाद निदा खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है और उसका सिस्टम एक्सेस भी ब्लॉक कर दिया गया है।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह 18 से 25 वर्ष की युवतियों को टारगेट करता था। पुलिस का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी से इस धर्मांतरण सिंडिकेट के और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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