Trending

    नया इनकम टैक्स फॉर्म: HRA क्लेम के लिए मकान मालिक से बताना होगा रिश्ता, 1 अप्रैल से लागू होगा नियम

    Updated: Wed, 25 Feb 2026 07:55 PM (IST)

    सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मसौदा नियम जारी किए हैं। इनमें एचआरए दावों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मकान मालिक से संबंध का खुलासा अनिवार्य ह ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    एचआरए लाभ के लिए मकान मालिक के साथ बताना होगा रिश्ता।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मसौदा आयकर नियम और फॉर्म जारी किए हैं। इसमें किराया भत्ते (एचआरए) के दावों में पारदर्शिता बढ़ाने, विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की कड़ी जांच और आडिट की जिम्मेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है। सभी हितधारकों से मिली सलाह के आधार पर अंतिम नियम और फार्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे।

    नियमों के मसौदे के मुताबिक, नए फॉर्म 124 में करदाता को यह बताना होगा कि वह जिस मकान मालिक को किराया दे रहा है, उससे उनका कोई पारिवारिक या कोई अन्य संबंध तो नहीं है। फिलहाल एचआरए का दावा करते समय कर्मचारी अपने नियोक्ता को किराये का अनुमानित विवरण देता है, लेकिन मकान मालिक के साथ संबंध की जानकारी देना अनिवार्य नहीं है।

    फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर अंकुश लगेगा

    कर विशेषज्ञों का मानना है कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच के संबंधों की जानकारी अनिवार्य करने से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर अंकुश लगेगा।

    नांगिया ग्लोबल एडवाइजर्स फर्म में साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा, 'यह प्रविधान वास्तविक व्यवस्थाओं को प्रभावित किए बगैर कृत्रिम दावों की पहचान में मदद करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुचित दावों को खारिज करना आसान होगा।'

    कंपनियों के पैन आवेदन प्रक्रिया भी सख्त की गई

    मसौदा प्रस्ताव में कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया भी सख्त की गई है। अब आवेदन करते समय यह घोषणा देना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से कोई पैन नहीं है। शाखाओं, परियोजना कार्यालयों या पूर्ववर्ती इकाइयों के नाम पर पहले से पैन होने की स्थिति में दोहराव से बचने के लिए आंतरिक जांच जरूरी होगी।

    नियमों के मसौदे में विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की जानकारी के लिए ऑडिटर के साथ कंपनियों की भी जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों के लिए प्रस्तावित फार्म 44 में ऑडिटर की भूमिका और सख्त की गई है। अब चार्टर्ड अकाउंटेंट को विदेशी टैक्स कटौती प्रमाणपत्र, भुगतान का प्रमाण, विनिमय दर रूपांतरण और कर संधि की पात्रता की स्वतंत्र जांच करनी होगी।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)