CPCB को माइक्रोप्लास्टिक मामले में सौंपनी होगी रिपोर्ट, NGT ने दिया 8 सप्ताह का समय
एनजीटी ने सीपीसीबी को माइक्रोप्लास्टिक सैंपलिंग और पहचान पद्धति पर आठ सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) (फोटो: एएनआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को विभिन्न पर्यावरणीय मानकों के तहत माइक्रोप्लास्टिक की सैंपलिंग और उनकी पहचान करने की एक समान पद्धति विकसित करने पर प्रगति रिपोर्ट सौंपने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने भारतीय नमक और ब्रांडेड चीनी में सूक्ष्म प्लास्टिक की मौजूदगी और मानव रक्त में इसका पता चलने से जुड़ी खबरों के आधार पर शुरू हुई कार्यवाही की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने सीपीसीबी के उस अनुरोध को मान लिया, जिसमें प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय देने की मांग की गई थी। मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी, 2027 को होगी।
13 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में सीपीसीबी ने एनजीटी को बताया कि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने मीठे पानी और मिट्टी में माइक्रोप्लास्टिक की सैंपलिंग, नमूने तैयार करने और उनका विश्लेषण करने की पद्धति विकसित करने पर सहमति जताई है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
