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    संसदीय मर्यादा याद दिलाने के बाद 'वंदे मातरम' और 'जय हिंद' पर विवाद, विपक्ष ने बनाया मुद्दा

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:46 PM (IST)

    राज्यसभा सचिवालय के बुलेटिन में सांसदों से 'वंदेमातरम' और 'जयहिंद' जैसे नारे संसद में न लगाने को कहा गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने भाजपा सरकार पर स्वतंत्रता के प्रतीकों से असहज होने का आरोप लगाया। बुलेटिन में सदन की कार्यवाही के दौरान मर्यादा बनाए रखने की बात कही गई है। विपक्ष ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे निजी स्वतंत्रता का मामला बताया है।

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    संसदीय मर्यादा याद दिलाने के बाद वंदे मातरम और जय हिंद पर विवाद (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा सचिवालय के एक बुलेटिन से विवाद खड़ा हो गया है। बुलेटिन में सांसदों को संसद के अंदर 'वंदेमातरम' और 'जयहिंद' जैसे नारों के इस्तेमाल से परहेज करने की अपील की गई है। इसके बाद राजनीतिक टकराव शुरू हो गया।

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    विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए पर भारत की स्वतंत्रता और एकता के प्रतीकों के साथ असहज होने का आरोप लगाया। शीत सत्र से पहले 24 नवंबर को जारी बुलेटिन में सांसदों को स्थापित मानदंडों का पालन करने की याद दिलाई गई है।

    इसमें कहा गया है कि सदन की कार्यवाही के दौरान मर्यादा और गंभीरता के तहत धन्यवाद, थैंक यू, जय हिंद, वंदे मातरम या किसी भी अन्य तरह के नारे नहीं लगाए जाने चाहिए। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्बास हैदर ने कहा कि ये हैरानी की बात नहीं है कि सरकार को 'जयहिंद' जैसे नारों से समस्या है क्योंकि वे देश की स्वतंत्रता और एकता के खिलाफ थे। जनता भी इस बात से वाकिफ है।

    विपक्ष ने साधा निशाना

    शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंद ने जोर देकर कहा कि नागरिकों को'वंदेमातरम' कहने का पूरा अधिकार है। हम तो लगातार 'वंदेमातरम' कहेंगे, जहां भी जरूरत होगी हम 'थैंकयू' बोलेंगे। अगर आपको देश में रहना है तो 'वंदेमातरम' कहना है।

    पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि ये मामला बुनियादी तौर पर निजी स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर ¨सह ने भी इस आपत्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये अभिव्यक्ति राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी हुई है, इसलिए इसको कभी मुद्दा नहीं बनाया जा सकता।

    महाराष्ट्र के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि वंदे मातरम और भारत माता की जय निश्चित तौर पर बोला जाएगा। इन्हें कब और कहां बोला जाए, इस पर नियम हो सकते हैं, लेकिन हम इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि वंदे मातरम कहना इस देश में कहीं भी प्रतिबंधित है।