पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं... MEA के बयान पर विवाद क्यों? बॉम्बे HC के 13 साल पुराने फैसले से दूर होगा कन्फ्यूजन
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि केवल एक यात्रा दस्तावेज है। इस पर बहस छिड़ गई है कि भारतीय नागरिकता ...और पढ़ें

पासपोर्ट भारतीय नागरिक होने का प्रमाण क्यों नहीं? (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय के इस बयान पर बहस छिड़ गई है कि आखिर किन सरकारी दस्तावेजों को भारतीय नागरिकता के प्रूफ के रूप में माना जा सकता है।
दरअसल, पासपोर्ट सेवा दिवस के 14वें अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पासपोर्ट विदेश में भारतीयों की राष्ट्रीयता को प्रमाणित करता है, लेकिन इसे नागरिकता दस्तावेज के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
अधिकारी ने इस बात पर फोकस किया कि पासपोर्ट जारी होने से भारतीय नागरिकों को मिलने वाली कल्याणकारी योजनाओं जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता।
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एक ओर इस फैसले को लेकर जावेद अख्तर और आदित्य ठाकरे जैसी प्रमुख हस्तियों सहित विपक्ष ने इसे सरकार की बेतूका बताया है और पुलिस सत्यापन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं।
वहीं दूसरी ओर सरकारी सूत्रों और कानूनी विशेषज्ञों ने 1967 के पासपोर्ट अधिनियम और 1955 के नागरिकता अधिनियम का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र या नागरिकता प्रमाण पत्र ही भारतीय नागरिकता की एक मात्र पुख्ता और कानूनी प्रमाण है।
पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं?
इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। कई लोगों का कहना है कि पासपोर्ट पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा व्यापक पृष्ठभूमि जांच के बाद जारी किया जाता है- जिसमें किसी व्यक्ति की आवासीय स्थिति का पुलिस द्वारा सत्यापन शामिल है और यह स्पष्ट रूप से धारक को एक भारतीय के रूप में पहचानता है।
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पुरस्कार विजेता गीतकार जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय के रुख को बेतुका बताया और सरकार द्वारा पासपोर्ट जारी करने के तर्क पर सवाल उठाया, क्या वह इस बात से आश्वस्त नहीं है कि पासपोर्ट धारक वास्तव में भारतीय नागरिक नहीं है?
क्या गैर भारतीयों को भी पासपोर्ट जारी किए जा सकते?
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने पूछा कि क्या सरकार का यह रुख कि गैर-भारतीयों को भी पासपोर्ट जारी किए जा सकते हैं, विदेशी राष्ट्रों के इस दस्तावेज पर भरोसे को कमजोर कर सकता है।
कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिबल भी उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने तब पूछा था कि नागरिकता का प्रमाण कौन सा दस्तावेज है।
गैर भारतीयों को भी जारी हो सकता है पासपोर्ट?
एनडीटीवी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि पासपोर्ट जारी करने से संबंधित 1967 के तहत तकनीकी रूप से ये दस्तावेज गैर-नागरिकों को भी दिए जा सकते हैं। बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 2013 के एक फैसले में भी यही बात कही थी और यह माना था कि कानून गैर-नागरिकों को पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देता है।
इसलिए केवल पासपोर्ट का होना नागरिकता का 'निर्णायक' या 'स्पष्ट' प्रमाण नहीं माना जा सकता। नागरिकता अभी भी एक पुराने कानूनए नागरिकता अधिनियम, 1955 - द्वारा शासित विषय है। यह वह कानून है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता की स्थिति स्थापित करने के लिए किया जाता है।
अदालती फैसले को आप यहां पढ़ सकते हैं...
पूर्व राजनयिक निरुपमा मेनन राव ने इस दस्तावेज को लेकर बताया कि कानून और जनता की समझ हमेशा एक जैसी नहीं होती। राव ने पासपोर्ट अधिनियम और नागरिकता अधिनियम के बीच अंतर को बताते हुए कहा कि एक कानून दस्तावेज को नियंत्रित करता है, दूसरा कानूनी स्थिति को नियंत्रित करता है।
पासपोर्ट का प्राथमिक उद्देश्य
राव के अनुसार, पासपोर्ट का प्राथमिक उद्देश्य केवल यात्रा के दौरान नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना और विदेशी आप्रवासन के समक्ष यह प्रमाणित करना है कि धारक वही व्यक्ति है, जिसका होने का वह दावा कर रहा है।
नागरिकता और पासपोर्ट में सबसे बड़े अंतर पर प्रकाश डालते हुए राव ने बताया कि पासपोर्ट हमेशा सरकार की संपत्ति होती है और इसे कभी भी जब्त किया जा सकता है, जबकि किसी व्यक्ति की नागरिकता को इतनी आसानी से नहीं छीना जा सकता, जब तक वह उसे स्वेच्छा से न छोड़ दे।
सवाल- एक X यूजर ने लिखा "सत्यापन का एक चक्र चल रहा है। पैन और पासपोर्ट के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता होती है... पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए आधार कार्ड चाहिए... बैंक आधार और पैन कार्ड मांगते हैं... पहचान और नागरिकता का पूरा खेल मजाक से कम नहीं है..." तो क्या आपके पास ऐसा कोई पुख्ता दस्तावेज है जो आपको भारतीय के रूप में प्रमाणित करता हो?
जवाब- जी हां। वह है जन्म प्रमाण पत्र या जिन व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान की गई है, उनके मामले में नागरिकता प्रदान किए जाने की पुष्टि करने वाला प्रमाण पत्र।

कैसे मिलती है भारतीय नागरिकता?
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर पीआईबी के प्रश्नोत्तर के अनुसार, नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारतीय नागरिकता पांच तरीकों- जन्मजात नागरिकता, वंश के आधार पर नागरिकता, पंजीकरण द्वारा नागरिकत, प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता और क्षेत्र के निगमन द्वारा नागरिकता के आधार पर प्राप्त की जा सकती है।
क्या भारतीय नागरिक होने का जारी होता है प्रमाण पत्र?
नागरिकता प्रमाण पत्र आम तौर पर उन लोगों को जारी किए जाते हैं जो पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करते हैं। जन्म या वंश से भारतीय नागरिक अधिकांश भारतीयों के पास नागरिकता प्रमाण पत्र नहीं होता है।
भारतीय नागरिकता का असली प्रमाण क्या है?
पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से भारतीय नागरिक बने लोगों के लिए सरकार द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र नागरिकता के प्रत्यक्ष प्रमाण के रूप में कार्य करता है।
क्या भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है प्रमाण पत्र
सभी भारतीय नागरिकों को नागरिकता का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। यह आमतौर पर उन लोगों के लिए जारिए किए जाते हैं जो पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करते हैं। जन्म या वंश से भारतीय नागरिक अधिकांश भारतीयों के पास नागरिकता प्रमाण पत्र नहीं जारी किए जाते हैं।