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'हनुमान जी ने बचा लिया...', पीएम मोदी से बात कर भावुक हुए कैप्टन स्मित मछार

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:37 AM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 12:40 PM (IST)

पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान कैप्टन भावुक हो ...और पढ़ें

HighLights

  1. पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मछार से बात की।

  2. पायलट ने 174 यात्रियों की जान बचाकर असाधारण साहस दिखाया।

  3. पीएम ने उनके साहस और सूझबूझ की दिल खोलकर तारीफ की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस खौफनाक घटना के पल-पल का अनुभव साझा किया।

पायलट कैप्टन स्मित मछार ने बताया कि भारी दबाव और संकट के बीच उन्हें किस बात ने हिम्मत और हौसला दिया। प्रधानमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में दिखाए गए उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और जांबाजी की दिल खोलकर तारीफ की तथा उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।

कॉल के दौरान मच्छार ने PM मोदी से कहा कि मैं अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। उस समय मुझे एहसास हुआ कि अगर मैंने हिम्मत नहीं दिखाई, तो 170 यात्रियों की जान चली जाएगी।

हनुमान जी ने बचा लिया: कैप्टन स्मित मछार

पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने कहा कि जब भी मुझे तकलीफ होती है, मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ ही करता रहा। आज, आपकी एक कॉल से मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

पीएम मोदी को बताया अपना सबसे बड़ा आदर्श

पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने कहा, "जब भी मुझे दर्द होता है, मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ करता रहा। आज आपकी एक कॉल ने मुझे सच में बहुत गौरवान्वित महसूस कराया है।"

पीएम मोदी के सामने अपनी मुश्किल घड़ी का ज़िक्र करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने भावुक होकर कहा कि आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं। आज आप जिस तरह मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं, उस पर मुझे बहुत गर्व हो रहा है। मुझे कई चोटें आई थीं, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा। उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए खुद को प्रेरित किया।

आपने दुनिया को दिखाया कि अहिंसा क्या होती है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार से कहा, "आपने दुनिया को दिखाया है कि अहिंसा क्या होती है। मैंने सोशल मीडिया पर कई टिप्पणियां पढ़ीं, जिनमें कहा गया था कि अगर हालात कुछ और होते, तो लोग भारत के बारे में क्या कहते? आपने बहुत बड़ा काम किया है और सभी की जान बचाई है।"

एक कॉल की दूरी पर हूं

पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार को भरोसा दिलाते हुए कहा, "मैं आपकी देखभाल करने के लिए सऊदी अरब और यूएई की सरकारों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जब भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं बस एक फोन कॉल की दूरी पर हूं।"

आपके स्वागत के लिए उत्सुक

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है। कल आपके जल्द स्वस्थ होने के लिए पूरे देश में विशेष प्रार्थनाएं की गईं।

पीएम मोदी ने घरवालों से भी की थी बात

पीएम मोदी ने गुरुवार को पायलट की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी।

दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया।

सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।

खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया।

गंभीर चोटों के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला

इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया।

दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।

 

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