CJP के समर्थन में कई राज्यों में प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लोग; निकाला कैंडल लाइट मार्च
सीजेपी के संसद मार्च और वांगचुक के समर्थन में सोमवार को देश के कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हुए। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश मे ...और पढ़ें

CJP के समर्थन में कई राज्यों में प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लोग (फोटो- रॉयटर)
HighLights
अहमदाबाद में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग हिरासत में लिए गए
पणजी में लोगों ने कैंडल लाइट मार्च निकालकर किया विरोध
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च और वांगचुक के समर्थन में सोमवार को देश के कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हुए। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लोगों ने रैलियां निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
अहमदाबाद में लॉ गार्डन के पास प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के पास विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
इसके अलावा सूरत, जूनागढ़ और भावनगर में भी प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारे लगाए तथा वांगचुक और उनकी भूख हड़ताल के समर्थन में बैनर और टी-शर्ट के साथ भाग लिया।
महाराष्ट्र के मुंबई, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और लातूर में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। मुंबई में राकांपा (शरद पवार) ने मुंबई विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
वहीं, छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक पर छात्रों और वकीलों ने केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एफटीआईआई) के छात्र संघ ने भी कैंपस में विरोध-प्रदर्शन किया।
गोवा की राजधानी पणजी में एनजीओ ‘उजवाड’ के बैनर तले कैंडललाइट मार्च निकाला गया। इसमें शामिल लोगों ने शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी समर्थन रैलियां आयोजित की गईं। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जताई और वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
राहुल और अखिलेश ने संसद परिसर में छात्र आंदोलनों पर की चर्चा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को संसद भवन परिसर में मुलाकात की और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित होने के दौरान हुई।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सदन स्थगित था और समय बिताने के दौरान छात्रों के आंदोलन को लेकर चर्चा हुई।
दोनों नेताओं की यह संक्षिप्त मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन संबंधी अटकलें जारी हैं। हालांकि, बैठक में चुनावी रणनीति या गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।